Hadith Representative
Jika kamu tidak malu maka berbuatlah sesukamu
Imam Abu Dawud : 4164حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ رِبْعِيِّ بْنِ حِرَاشٍ عَنْ أَبِي مَسْعُودٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ مِمَّا أَدْرَكَ النَّاسُ مِنْ كَلَامِ النُّبُوَّةِ الْأُولَى إِذَا لَمْ تَسْتَحِ فَافْعَلْ مَا شِئْتَ
हमरा सब के कहल गेल अछि [अब्दुल्लाह बिन मसलमाह] कहलनि, हमरा सब के [स्यूबाह] के [मंसूर] स [रिब’इ बिन हिरासी] स [अबू मसूद] स कहल गेल अछि ओ कहलनि, 'रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'पहिल शब्द जे मनुष्य के पैगम्बरी भाषण स भेटैत अछि ओ अछि, 'अगर अहाँ के शर्म नै लागैत अछि त जेना चाहब करू''।