प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 5304
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ رَبِّهِ بْنُ سَعِيدٍ عَنْ عَمْرَةَ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَاأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَقُولُ لِلْمَرِيضِ بِسْمِ اللَّهِ تُرْبَةُ أَرْضِنَا بِرِيقَةِ بَعْضِنَا يُشْفَى سَقِيمُنَا بِإِذْنِ رَبِّنَا
हमें बताया है [अली बिन अब्दुल्लाह] ने हमें बताया है [सुफ़यान] उन्होंने कहा; मुझे [अब्दुर्रब्बी बिन सईद] ने [अमरा] से [ऐस्याह] रदलिल्लाहु अन्हा से बताया है कि जब पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बीमार लोगों के लिए दुआ करते थे, तो वह पढ़ते थे: "बिस्मिल्लाहि तुर्बतु अर्दलिना बी रिक़ती बदलीना युसुफ़ा साक़ीमुना बी इदज़नी रब्बीना ("अल्लाह के नाम पर, हमारी ज़मीन की धूल हममें से कुछ लोगों के थूक के साथ हमारे रब की इजाज़त से हमारे बीमारों को ठीक कर सकती है।"