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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम तिर्मिदज़ी : 1004

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ ابْنِ عَجْلَانَ عَنْ ابْنِ وَثِيمَةَ النَّصْرِيِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا خَطَبَ إِلَيْكُمْ مَنْ تَرْضَوْنَ دِينَهُ وَخُلُقَهُ فَزَوِّجُوهُ إِلَّا تَفْعَلُوا تَكُنْ فِتْنَةٌ فِي الْأَرْضِ وَفَسَادٌ عَرِيضٌقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي حَاتِمٍ الْمُزَنِيِّ وَعَائِشَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ قَدْ خُولِفَ عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ سُلَيْمَانَ فِي هَذَا الْحَدِيثِ وَرَوَاهُ اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ ابْنِ عَجْلَانَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مُرْسَلًا قَالَ أَبُو عِيسَى قَالَ مُحَمَّدٌ وَحَدِيثُ اللَّيْثِ أَشْبَهُ وَلَمْ يَعُدَّ حَدِيثَ عَبْدِ الْحَمِيدِ مَحْفُوظًا

हमें [कुतैबा] सूचित किया गया है, हमें [अब्दुल हामिद बिन सुलेमान] [इब्न अजलान] से [इब्न वत्सिमा अन नशरी] से [अबू हुरैरा] ने बताया है: रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "यदि कोई तुम्हारे सामने (बेटियों और रिश्तेदारों) शादी का प्रस्ताव रखे, जबकि तुम (शादी करने वाले के) धर्म और नैतिकता से प्रसन्न हो, तो उससे (अपनी बेटी या रिश्तेदार से) विवाह कर दो। यदि नहीं, तो निस्संदेह पृथ्वी पर बदनामी और बड़ा नुकसान होगा।" (अबू ईसा अत तिर्मिज़ी) ने कहा; "सबसे सार्थक हदीस अबू हातिम अल मुज़ानी और ऐस्या से वर्णित की गई थी।" अबू ईसा ने कहा; "अबू हुरैरा की हदीस के बारे में, अब्दुल हमीद बिन सुलेमान ने इस हदीस पर बहस की। [लैतस बिन साद] ने इसे [इब्न अजलान] से [अबू हुरैरा] पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मुरसल तरीके से सुनाया।" अबू ईसा ने कहा; "मुहम्मद ने कहा; 'लैतस हदीस ज़्यादा मज़बूत है और अब्दुल हमीद की हदीस महफ़ूज़ (रखी हुई) हदीस नहीं है।'"

समर्थक हदीस :

इमाम तिर्मिदज़ी : 1004, 1005
इमाम इब्नु माजा : 1957