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Jenis-jenis pernikahan jahiliyyah, hanya dibolehkan satu saja
Imam Bukhari : 4732قَالَ يَحْيَى بْنُ سُلَيْمَانَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ عَنْ يُونُسَ ح و حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنَا عَنْبَسَةُ حَدَّثَنَا يُونُسُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ قَالَ أَخْبَرَنِي عُرْوَةُ بْنُ الزُّبَيْرِ أَنَّ عَائِشَةَ زَوْجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَخْبَرَتْهُأَنَّ النِّكَاحَ فِي الْجَاهِلِيَّةِ كَانَ عَلَى أَرْبَعَةِ أَنْحَاءٍ فَنِكَاحٌ مِنْهَا نِكَاحُ النَّاسِ الْيَوْمَ يَخْطُبُ الرَّجُلُ إِلَى الرَّجُلِ وَلِيَّتَهُ أَوْ ابْنَتَهُ فَيُصْدِقُهَا ثُمَّ يَنْكِحُهَا وَنِكَاحٌ آخَرُ كَانَ الرَّجُلُ يَقُولُ لِامْرَأَتِهِ إِذَا طَهُرَتْ مِنْ طَمْثِهَا أَرْسِلِي إِلَى فُلَانٍ فَاسْتَبْضِعِي مِنْهُ وَيَعْتَزِلُهَا زَوْجُهَا وَلَا يَمَسُّهَا أَبَدًا حَتَّى يَتَبَيَّنَ حَمْلُهَا مِنْ ذَلِكَ الرَّجُلِ الَّذِي تَسْتَبْضِعُ مِنْهُ فَإِذَا تَبَيَّنَ حَمْلُهَا أَصَابَهَا زَوْجُهَا إِذَا أَحَبَّ وَإِنَّمَا يَفْعَلُ ذَلِكَ رَغْبَةً فِي نَجَابَةِ الْوَلَدِ فَكَانَ هَذَا النِّكَاحُ نِكَاحَ الِاسْتِبْضَاعِ وَنِكَاحٌ آخَرُ يَجْتَمِعُ الرَّهْطُ مَا دُونَ الْعَشَرَةِ فَيَدْخُلُونَ عَلَى الْمَرْأَةِ كُلُّهُمْ يُصِيبُهَا فَإِذَا حَمَلَتْ وَوَضَعَتْ وَمَرَّ عَلَيْهَا لَيَالٍ بَعْدَ أَنْ تَضَعَ حَمْلَهَا أَرْسَلَتْ إِلَيْهِمْ فَلَمْ يَسْتَطِعْ رَجُلٌ مِنْهُمْ أَنْ يَمْتَنِعَ حَتَّى يَجْتَمِعُوا عِنْدَهَا تَقُولُ لَهُمْ قَدْ عَرَفْتُمْ الَّذِي كَانَ مِنْ أَمْرِكُمْ وَقَدْ وَلَدْتُ فَهُوَ ابْنُكَ يَا فُلَانُ تُسَمِّي مَنْ أَحَبَّتْ بِاسْمِهِ فَيَلْحَقُ بِهِ وَلَدُهَا لَا يَسْتَطِيعُ أَنْ يَمْتَنِعَ بِهِ الرَّجُلُ وَنِكَاحُ الرَّابِعِ يَجْتَمِعُ النَّاسُ الْكَثِيرُ فَيَدْخُلُونَ عَلَى الْمَرْأَةِ لَا تَمْتَنِعُ مِمَّنْ جَاءَهَا وَهُنَّ الْبَغَايَا كُنَّ يَنْصِبْنَ عَلَى أَبْوَابِهِنَّ رَايَاتٍ تَكُونُ عَلَمًا فَمَنْ أَرَادَهُنَّ دَخَلَ عَلَيْهِنَّ فَإِذَا حَمَلَتْ إِحْدَاهُنَّ وَوَضَعَتْ حَمْلَهَا جُمِعُوا لَهَا وَدَعَوْا لَهُمْ الْقَافَةَ ثُمَّ أَلْحَقُوا وَلَدَهَا بِالَّذِي يَرَوْنَ فَالْتَاطَ بِهِ وَدُعِيَ ابْنَهُ لَا يَمْتَنِعُ مِنْ ذَلِكَ فَلَمَّا بُعِثَ مُحَمَّدٌ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالْحَقِّ هَدَمَ نِكَاحَ الْجَاهِلِيَّةِ كُلَّهُ إِلَّا نِكَاحَ النَّاسِ الْيَوْمَ
कहने छथि [याह्या बिन सुलेमान] हमरा सभ केँ [इब्नू वहब] केँ [यूनुस] सँ -एकटा आओर रिवायत मे- आ हमरा सभ केँ [अहमद बिन सालिह] कहलनि अछि [अनबासाह] हमरा सभ केँ [यूनुस] केँ [इब्न शिहाब] सँ कहलनि अछि ओ कहलनि; हमरा [उरवाह बिन जुबैर] के खबर आबि गेल अछि जे [ऐसिया] नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी हुनका सूचित केने छथि जे; असल मे जहिलिया युग मे विवाह चारि तरहक छल | पहिने तहिना विवाह सेहो अछि जेना आइ लोक करैत अछि, अर्थात पुरुष महिलाक अभिभावक केँ प्रपोज करैत अछि, फेर दहेज दैत अछि आ फेर विवाह करैत अछि । दोसर रूप अछि; एक पति पत्नी के पवित्र अवधि में -मासिक धर्म/उपजाऊ नहिं- कहलखिन, 'फल्लाँ भेंट करू आ हुनका संग सेक्स करू' | एम्हर हुनकर पति किछु काल हुनका सँ दूर रहलाह - हुनकर देखभाल नहि केलनि - जाबत धरि ओ वास्तव मे ओहि पुरुषक संग हुनकर यौन संबंधक परिणामस्वरूप गर्भवती नहि भ' गेल छलीह. आ जँ गर्भवती हेबाक पुष्टि भ’ गेल तखन पति नीक लागय त’ पत्नीक संग संभोग करताह। ओ ई काज मात्र नीक संतानक लेल करैत छथि । एहि विवाहक शब्द अछि निकाह अल इस्तीबदला' | तखन तेसर रूप : लोकक समूह - दस सँ कम - स्त्री संग संभोग करैत अछि | आ जँ पता चलल जे महिला गर्भवती छथि आ बच्चाक जन्म दैत छथि । तखन ओकर प्रसव अवधि किछु दिन बीति गेलाक बाद महिला पुरुषक समूह केँ चिट्ठी पठा देत, आ कियो मना नहि क' सकैत अछि। जाबे तक ओ सभ स्त्रीक स्थान पर जमा नहि भ' जाइत छथि। तखन स्त्री कहतीह जे अहाँकेँ बुझल अछि जे अहाँक पूर्व संबंध की छल । आ हम बच्चा केने छी, तेँ बच्चा अहाँक अछि, स्त्री फल्लाँ'। अर्थात महिला ओहि मे सँ एकटाक नाम चुनैत छथि जे हुनका नीक लगैत छनि, आ जे पुरुष नियुक्त होइत छथि से मना नहि क' सकैत छथि । तखन चारिम रूप : भीड़ जमा भ' जाइत अछि, तखन स्त्री संग संभोग करैत अछि, आ ओहि स्त्री सँ संभोग करयवला व्यक्ति केँ कियो मना नहि क' सकैत अछि। ओ स्त्रीगण वेश्या छथि। घरक दरबज्जा पर बोर्ड लगा देलक जे जे चाहथि ओ भीतर आबि क' संगति क' सकैत छथि । आ जखन एक गोटे गर्भवती भ गेल, फेर बच्चा के जन्म देलक, तखन ओ सब - भीड़ - जमा भ गेल, तखन एकटा व्यक्ति जे नसाब के अंदर-बाहर के विशेषज्ञ छल - अलकाफाह - के बजाओल गेल, आ ई अल कफाह छल जे ओहि महिला के बच्चा के ओहि व्यक्ति के सौंप देलक जेकरा ओ ओकर पिता बुझैत छल, जाहि सं बच्चा के ओकर बेटा कहल गेल. आ ओ व्यक्ति एहि सँ नहि बचि सकल। त जखन पैगम्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सच्चाई के संग भेजल गेल छल त ओ जाहिलिया विवाह के सब रूप के नष्ट क देलखिन, सिवाय ओहि विवाह के जे आइ लोक करैत अछि |