हदीस
Larangan keras terhadap peminum khamr, penjual, pembawa, dan yang menyuguhkannya
Imam Nasa'i : 4585أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكٍ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ ابْنِ وَعْلَةَ الْمِصْرِيِّ أَنَّهُ سَأَلَ ابْنَ عَبَّاسٍعَمَّا يُعْصَرُ مِنْ الْعِنَبِ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ أَهْدَى رَجُلٌ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَاوِيَةَ خَمْرٍ فَقَالَ لَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَلْ عَلِمْتَ أَنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ حَرَّمَهَا فَسَارَّ وَلَمْ أَفْهَمْ مَا سَارَّ كَمَا أَرَدْتُ فَسَأَلْتُ إِنْسَانًا إِلَى جَنْبِهِ فَقَالَ لَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمَ سَارَرْتَهُ قَالَ أَمَرْتُهُ أَنْ يَبِيعَهَا فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ الَّذِي حَرَّمَ شُرْبَهَا حَرَّمَ بَيْعَهَا فَفَتَحَ الْمَزَادَتَيْنِ حَتَّى ذَهَبَ مَا فِيهِمَا
हमनी के [कुतैबाह] के [मलिक] से [जैद बिन असलम] से [इब्नु व'लाह अल मिश्री] से बतावल गईल बा कि उ इब्न अब्बास से अंगूर से का निचोड़ल गईल बा, एकरा बारे में पूछले, [इब्न अब्बास] कहले; केहू नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के शराब से भरल उपहार देले रहे, तब नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उनका से कहले; 'का रउवा नईखी जानत कि अल्लाह अज्जा वजल्ला एकरा के मना क देले बाड़े?' तब ऊ आदमी फुसफुसा के कहलस आ हमरा ना बुझाइल कि ऊ का फुसफुसात बा जइसे हम चाहत रहीं. तब हम उनका बगल में केहू से पूछनी। तब नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उनुका से पूछले कि तू का फुसफुसात बाड़ू? ऊ व्यक्ति कहलस कि; हम ओकरा के बेचे के आदेश देनी। त नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'वास्तव में जे एकरा के मना कईले बाड़े, उ एकर बिक्री से मना कईले बाड़े'। ओकरा बाद चमड़ा के बनल दू गो बड़का बर्तन खोल के ओहमें के सामान फेंक दिहलन.