हदीस
Setiap yang memabukkan adalah khamr, dan setiap khamr adalah haram
Imam Tirmidzi : 1784حَدَّثَنَا أَبُو زَكَرِيَّا يَحْيَى بْنُ دُرُسْتَ الْبَصْرِيُّ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلُّ مُسْكِرٍ خَمْرٌ وَكُلُّ مُسْكِرٍ حَرَامٌ وَمَنْ شَرِبَ الْخَمْرَ فِي الدُّنْيَا فَمَاتَ وَهُوَ يُدْمِنُهَا لَمْ يَشْرَبْهَا فِي الْآخِرَةِقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَأَبِي سَعِيدٍ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو وَابْنِ عَبَّاسٍ وَعُبَادَةَ وَأَبِي مَالِكٍ الْأَشْعَرِيِّ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عُمَرَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَرَوَاهُ مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ مَوْقُوفًا فَلَمْ يَرْفَعْهُ
हमनी के बतवले बाड़े [अबू जकरयाह याह्या बिन दुरस्ता अल बशरी], हमनी के [हम्मद बिन जैद] से [अयूब] से [नाफी'] से [इब्न उमर] से बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले बाड़न कि हर मादक खमर ह, आ हर मादक हरम ह। जे खमर पी के फेर खमर के लत लगा के मर जाई, उ परलोक में ना पीई।' सार्थक हदीस अबू हुरैरा, अबू सईद, अब्दुल्लाह बिन अम्र, इब्नू अब्बास, उबादा आ अबू मलिक अल अस्यारी से भी रिवायत भइल बा। अबू ईसा कहले कि; इब्न उमर के हदीस हसन प्रामाणिक बा। आ एकरा के इब्न उमर से, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से भी एक से अधिका नाफी’ द्वारा रिवायत कइल गइल बा। आ ई मलिक बिन अनस नाफी’ से, मौकुफ में इब्न उमर से बतवले बाड़न आ ऊ एकरा के ना समझ पवले.
हदीस :
Imam Ahmad : 4415, 4416, 4598, 4599, 4631, 5390, 5472, 5557, 5903, 5941, 6450, 9174, 11656, 11751, 14351, 18817, 18842, 18895, 18908, 22953, 23511, 23843, 24396, 24704, 25416
Imam Bukhari : 235, 3997, 5157, 5158, 5169
Imam Muslim : 3727, 3728, 3729, 3730, 3731, 3732, 3733, 3734, 3735
Imam Abu Dawud : 3194, 3195, 3196, 3197, 3198, 3199, 3200, 3201, 3202
Imam Tirmidzi : 1784, 1785, 1786, 1787, 1788, 1789
Imam Nasa'i : 5488, 5489, 5490, 5491, 5492, 5493, 5494, 5497, 5498, 5499, 5500, 5501, 5503, 5504, 5505, 5507, 5508, 5509, 5510, 5511, 5512, 5587, 5591, 5592, 5603, 5604, 5605, 5613, 5632
Imam Ibnu Majah : 3377, 3378, 3379, 3380, 3381, 3382, 3383, 3396
Imam Malik : 1331
Imam Darimi : 2005, 2006