प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 5977
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا يَحْيَى حَدَّثَنَا هِشَامٌ أَخْبَرَنِي أَبِي عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْكَانَ يَأْتِي عَلَيْنَا الشَّهْرُ مَا نُوقِدُ فِيهِ نَارًا إِنَّمَا هُوَ التَّمْرُ وَالْمَاءُ إِلَّا أَنْ نُؤْتَى بِاللُّحَيْمِ
हमें बताया है [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] ने हमें बताया है [याह्या] ने हमें बताया है [हिस्यम] ने मुझे [मेरे पिता] ने [आइस्याह] रदिअल्लाहु अन्हा से बताया है उन्होंने कहा; "एक बार एक महीने के लिए हमारे घर में आग नहीं थी, केवल खजूर और पानी था, सिवाय जब हमें (भेजा गया) मांस दिया गया था।"