प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 3269
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا قَيْسٌ عَنْ أَبِي هَاشِمٍ عَنْ زَاذَانَ عَنْ سَلْمَانَ قَالَقَرَأْتُ فِي التَّوْرَاةِ أَنَّ بَرَكَةَ الطَّعَامِ الْوُضُوءُ قَبْلَهُ فَذَكَرْتُ ذَلِكَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ بَرَكَةُ الطَّعَامِ الْوُضُوءُ قَبْلَهُ وَالْوُضُوءُ بَعْدَهُوَكَانَ سُفْيَانُ يَكْرَهُ الْوُضُوءَ قَبْلَ الطَّعَامِ قَالَ أَبُو دَاوُد وَهُوَ ضَعِيفٌ
[मूसा बिन इस्माइल] ने हमें [क़ैस] को [अबू हाशिम] से [ज़ादज़ान] से [सलमान] से बताया कि उन्होंने कहा, "मैंने तौरात में पढ़ा है कि खाने की बरकत खाने से पहले वज़ू करना है। फिर मैंने यह बात पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को बताई, और उन्होंने कहा: "खाने की बरकत खाने से पहले और खाने के बाद वज़ू करना है।" जबकि सुफ़यान को खाने से पहले वज़ू करना पसंद नहीं था।" अबू दाऊद ने कहा, "यह हदीस कमज़ोर है।"