Hadith Representative
Boleh memakan yang terdampar atau tersingkap oleh laut, dan larangan memakan yang mati mengapung
Imam Ibnu Majah : 3238حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سُلَيْمٍ الطَّائِفِيُّ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ أُمَيَّةَ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا أَلْقَى الْبَحْرُ أَوْ جَزَرَ عَنْهُ فَكُلُوهُ وَمَا مَاتَ فِيهِ فَطَفَا فَلَا تَأْكُلُوهُ
हमरा सब के कहलक अछि [अहमद बिन अब्दाह] हमरा सब के बता देने अछि [याह्या बिन सुलैम अथ था`ईफी] हमरा सब के [इस्माइल बिन उमय्याह] [अबू अज़ जुबैर] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] स कहलक अछि ओ कहलनि, 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'जे समुद्र के पानि द्वारा फेंकल जाइत अछि या मरैत अछि कियाक त ओ आराम करैत अछि तखन खाउ, आ जे समुद्र मे मरि जाइत अछि आ फेर बहैत अछि तखन अहाँ ओकरा नहि खाउ'।