Hadith Representative
Rasulullah menolak pemakaian sutra dan menjelaskan bahwa pemberiannya bukan untuk dipakai, agar supaya dijual atau dimanfaatkan
Imam Abu Dawud : 3524حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ أَبِي عَوْنٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا صَالِحٍ يُحَدِّثُ عَنْ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَأُهْدِيَتْ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حُلَّةُ سِيَرَاءَ فَأَرْسَلَ بِهَا إِلَيَّ فَلَبِسْتُهَا فَأَتَيْتُهُ فَرَأَيْتُ الْغَضَبَ فِي وَجْهِهِ وَقَالَ إِنِّي لَمْ أُرْسِلْ بِهَا إِلَيْكَ لِتَلْبَسَهَا وَأَمَرَنِي فَأَطَرْتُهَا بَيْنَ نِسَائِي
हमरा सब के कहलक अछि [सुलेमान बिन हरब] कहलनि, हमरा सब के [स्यूबाह] के [अबू आउन] स कहलक अछि ओ कहलनि; हम [अबू सालिह] के [अली रदलिअल्लाहु अनहु] स रिवायत सुनलहुं जे ओ कहलनि, 'रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम के रेशमी कपड़ा के उपहार देल गेल छल, ओ तखन हमरा पठेलनि, ताहि लेल हम पहिरलहुं। तकर बाद हम हुनका लग गेलहुँ, मुदा हुनकर चेहरा पर तामसक निशान देखलहुँ । ओ कहलनि: 'हम अहाँ केँ पठेने छलहुँ जे अहाँ सभक उपयोग करबाक लेल नहि'। ओ हमरा सेहो आदेश देलनि -ककरो आन केँ द' दियौक-, तें हम अपन स्त्रीगण केँ कपड़ा बाँटि देलियैक'।