Hadith Representative
Allah mewahyukan agar kalian saling merendahkan diri, tidak saling membanggakan dan menzhalimi
Imam Abu Dawud : 4250حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَفْصٍ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ طَهْمَانَ عَنْ الْحَجَّاجِ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ يَزِيدَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ عِيَاضِ بْنِ حِمَارٍ أَنَّهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ اللَّهَ أَوْحَى إِلَيَّ أَنْ تَوَاضَعُوا حَتَّى لَا يَبْغِيَ أَحَدٌ عَلَى أَحَدٍ وَلَا يَفْخَرَ أَحَدٌ عَلَى أَحَدٍ
हमरा सब [अहमद बिन हफश] के कहने छथि जे ओ कहलनि; हमरा कहलक अछि [हमर पिता] कहलनि, हमरा [इब्राहिम बिन थहमन] केँ [अल हज्जाज] सँ [कतादह] सँ [यजीद बिन अब्दुल्लाह] सँ [इयाद बिन हिमार] सँ कहलक अछि, ओ कहलनि, 'अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केर रसूलुल्लाह कहलनि: 'सत्ते, अल्लाह हमरा पर उतारलनि अछि, अहाँ केँ विनम्र रहबाक चाही, जाहि सँ कियो दोसर सँ अन्याय नहि करय, आ एकटा करैत अछि।' दोसरक प्रति अहंकारी काज नहि करब'।