Hadith Representative
Jika ingin diluaskan rezekinya dan dipanjangkan umurnya, hendaklah ia menyambung silaturahmi
Imam Bukhari : 1925حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي يَعْقُوبَ الْكِرْمَانِيُّ حَدَّثَنَا حَسَّانُ حَدَّثَنَا يُونُسُ قَالَ مُحَمَّدٌ هُوَ الزُّهْرِيُّ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ سَرَّهُ أَنْ يُبْسَطَ لَهُ فِي رِزْقِهِ أَوْ يُنْسَأَ لَهُ فِي أَثَرِهِ فَلْيَصِلْ رَحِمَهُ
सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन अबू याकूब अल कर्मनी] ने सानु दस्सेया है [हसन] ने सानु दस्सेया है [यूनुस] ने आख्या, [मुहम्मद, ओह अज ज़ुहरी है] से [अनास बिन मलिक रदलिअल्लाहु 'अनहु] ने कहा; मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दा आखना सुनेया: 'जो कोई अपनी रोजी-रूट्टी दा विस्तार करना चाहंदा ऐ या अपनी मौत दे बाद इक अच्छा इंसान दे तौर पर नाम छोड़ना चाहंदा ऐ, ओ अपनी दोस्ती जारी रखे'।