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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Akhlak Mulia Wara’ berhati-hati Menjauhi perdebatan

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Menjauhi perdebatan
Imam Darimi : 304

أَخْبَرَنَا سَعِيدُ بْنُ عَامِرٍ عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ عَنْ يُونُسَ قَالَ كَتَبَ إِلَيَّ مَيْمُونُ بْنُ مِهْرَانَ إِيَّاكَ وَالْخُصُومَةَ وَالْجِدَالَ فِي الدِّينِ لَا تُجَادِلَنَّ عَالِمًا وَلَا جَاهِلًا أَمَّا الْعَالِمُ فَإِنَّهُ يَخْزُنُ عَنْكَ عِلْمَهُ وَلَا يُبَالِي مَا صَنَعْتَ وَأَمَّا الْجَاهِلُ فَإِنَّهُ يُخَشِّنُ بِصَدْرِكَ وَلَا يُطِيعُكَ

हमनी के [सैद बिन अमीर] के [इस्माइल बिन इब्राहिम] से [यूनुस] से रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले बाड़े कि, '[मैमुन बिन मिहरान] हमरा से कहले कि, 'धर्म में झगड़ा अवुरी बहस से बची।' जाने वाला आ अज्ञानी से बहस मत करीं। रहल बात जानत आदमी के त असल में ऊ आपन ज्ञान रउरा से राखेला आ ओकरा रउरा का करे के कवनो परवाह ना होखे. दोसरा तरफ मूर्ख रउरा के दुख पहुँचावेला आ रउरा के ना मानेला."

हदीस :