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Jizyah tidak di tetapkan bagi seorang muslim
Imam Tirmidzi : 574حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَكْثَمَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ قَابُوسَ بْنِ أَبِي ظَبْيَانَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَصْلُحُ قِبْلَتَانِ فِي أَرْضٍ وَاحِدَةٍ وَلَيْسَ عَلَى الْمُسْلِمِينَ جِزْيَةٌحَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ قَابُوسَ بِهَذَا الْإِسْنَادِ نَحْوَهُ وَفِي الْبَاب عَنْ سَعِيدِ بْنِ زَيْدٍ وَجَدِّ حَرْبِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ الثَّقَفِيِّ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عَبَّاسٍ قَدْ رُوِيَ عَنْ قَابُوسَ بْنِ أَبِي ظَبْيَانَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مُرْسَلًا وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ عَامَّةِ أَهْلِ الْعِلْمِ أَنَّ النَّصْرَانِيَّ إِذَا أَسْلَمَ وُضِعَتْ عَنْهُ جِزْيَةُ رَقَبَتِهِ وَقَوْلُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَيْسَ عَلَى الْمُسْلِمِينَ عُشُورٌ إِنَّمَا يَعْنِي بِهِ جِزْيَةَ الرَّقَبَةِ وَفِي الْحَدِيثِ مَا يُفَسِّرُ هَذَا حَيْثُ قَالَ إِنَّمَا الْعُشُورُ عَلَى الْيَهُودِ وَالنَّصَارَى وَلَيْسَ عَلَى الْمُسْلِمِينَ عُشُورٌ
हमरा सब के कहलक अछि [याह्या बिन अक्तसम] हमरा सब के [जरीर] के [काबूस बिन अबू दलाबियन] स [अपन पिता] स [इब्न अब्बास] स कहलक अछि ओ कहलनि, रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'एक क्षेत्र में दू किबला के अनुमति नै अछि आ जिजिया देबय के बाध्यता मुसलमान पर नै थोपल गेल अछि'। हमरा सब के कहलक अछि [अबू कुरैब] हमरा सब के [जरीर] के [कबूस] स कहलक अछि जेना ऊपर के हदीस ओही सनाद के संग। सबस सार्थक हदीस सईद बिन जैद आ हुनकर दादा हरब बिन उबैदिल्लाह अल त्साफी स रिवायत अछि। अबू ईसा न॑ कहलकै कि इब्न अब्बास केरऽ हदीस कबूस बिन अबू दलाबियन स॑ हुनकऽ पिता स॑ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स॑ मुर्सल तरीका स॑ बतैलऽ गेलऽ छै, लेकिन ई हदीस अधिकांश अहलुल इल्मी द्वारा अमल म॑ आबै छै, कि अगर कोय ईसाई इस्लाम स्वीकार करी लै छै त॑ ओकरा आब जिजिया देना बाध्य नै छै । नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसलाम केरऽ वचनऽ के अर्थ: ‘कि मुसलमानऽ प॑ अपनऽ धन के दसवां हिस्सा दै के फर्ज नै छै’ ओकरऽ सुरक्षा के लेलऽ जिजिया देना छै, आरू ‘उस्यूर केरऽ व्याख्या वास्तव म॑ हदीस केरऽ संपादकीय म॑ मिलै छै, यानी कि हुनी कहलकै कि ‘उस्यूर - एक दसवां हिस्सा- के भुगतान करै के बाध्यता केवल ईसाई आरू यहूदी प॑ छै आरू मुसलमानऽ प॑ नै छै ।