इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



-

हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 2923

حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ قَالَ سَمِعْتُ عَمْرًا قَالَ كُنْتُ جَالِسًا مَعَ جَابِرِ بْنِ زَيْدٍ وَعَمْرِو بْنِ أَوْسٍ فَحَدَّثَهُمَا بَجَالَةُ سَنَةَ سَبْعِينَ عَامَ حَجَّ مُصْعَبُ بْنُ الزُّبَيْرِ بِأَهْلِ الْبَصْرَةِ عِنْدَ دَرَجِ زَمْزَمَ قَالَ كُنْتُ كَاتِبًا لِجَزْءِ بْنِ مُعَاوِيَةَ عَمِّ الْأَحْنَفِفَأَتَانَا كِتَابُ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ قَبْلَ مَوْتِهِ بِسَنَةٍ فَرِّقُوا بَيْنَ كُلِّ ذِي مَحْرَمٍ مِنْ الْمَجُوسِ وَلَمْ يَكُنْ عُمَرُ أَخَذَ الْجِزْيَةَ مِنْ الْمَجُوسِ حَتَّى شَهِدَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَخَذَهَا مِنْ مَجُوسِ هَجَرَ

अली बिन अब्दुल्ला ने हमें बताया है कि सुफ़यान ने कहा कि मैंने अमर को यह कहते सुना; “मैं एक बार जाबिर बिन ज़ैद और अमरू बिन औस के साथ बैठा था, फिर बाजला ने उन्हें सत्तर साल की एक घटना के बारे में बताया जब मुशब बिन अज़ ज़ुबैर ने बसरा के लोगों के साथ हज किया। जब वह ज़मज़म पानी के किनारे थे, तो उन्होंने कहा; “मैं जज़ी बिन मुअविया का लिखने वाला हूँ, जो अहनाफ़ का चाचा है।” फिर उमर बिन खत्तहब की मौत से पहले एक खत आया जिसमें लिखा था; “हर उस आदमी को जो महरम रखता है, मागी से अलग कर दो।” और उमर ने कभी मागी से जज़िया (कर) नहीं लिया था, जब तक कि अब्दुर रहमान बिन औफ़ यह गवाही देने नहीं आए कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कभी मागी हजर से जज़िया लिया था।

समर्थक हदीस :