प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 2378
حَدَّثَنَا عَاصِمُ بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ عَنْ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ يَا نِسَاءَ الْمُسْلِمَاتِ لَا تَحْقِرَنَّ جَارَةٌ لِجَارَتِهَا وَلَوْ فِرْسِنَ شَاةٍ
हमें बताया गया है ['आशिम बिन' अली] ने हमें [इब्न अबी दज़ाबी] [अल मकबूरी] से [अपने पिता] से [अबू हुरैरा रदियल्लाहु अन्हु] से बताया है कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "ऐ मुस्लिम महिलाओं, एक महिला दास को दूसरी महिला दास को उपहार देने में हल्के में न लें, भले ही वह केवल एक पोखर के आकार का हो क्योंकि उस पर एक बकरी ने पैर रखा था।"