प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1400
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أُتِيَ بِلَحْمٍ تُصُدِّقَ بِهِ عَلَى بَرِيرَةَ فَقَالَ هُوَ عَلَيْهَا صَدَقَةٌ وَهُوَ لَنَا هَدِيَّةٌوَقَالَ أَبُو دَاوُدَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ عَنْ قَتَادَةَ سَمِعَ أَنَسًا عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमें बताया है [याह्या बिन मूसा] ने हमें बताया है [वाकी] ने हमें [स्यूबा] ने [क़तादा] से [अनस रदलिल्लाहु अन्हु] से बताया है कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को बरीरा को दी गई ज़कात से मांस का एक टुकड़ा दिया गया था। तो उन्होंने कहा: "यह मांस उसके लिए शदका (ज़कात) है और हमारे लिए यह एक तोहफ़ा है।" और कहा, [अबू दाऊद]: [स्यूबा] ने हमें [क़तादा] से बताया कि उसने [अनस] पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से सुना।