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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम तिर्मिदज़ी : 1893

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا الْمُنْكَدِرُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلُّ مَعْرُوفٍ صَدَقَةٌ وَإِنَّ مِنْ الْمَعْرُوفِ أَنْ تَلْقَى أَخَاكَ بِوَجْهٍ طَلْقٍ وَأَنْ تُفْرِغَ مِنْ دَلْوِكَ فِي إِنَاءِ أَخِيكَوَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي ذَرٍّ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ

हमें [कुतैबा] ने बताया है, हमें [अल मुनकादिर बिन मुहम्मद बिन अल मुनकादिर] ने [अपने पिता] से [जाबिर बिन अब्दुल्ला] से बताया है, उन्होंने कहा; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "हर तरह की नेकी दान है। और नेकी के रूपों में से यह भी है कि तुम अपने भाई से अच्छे चेहरे के साथ मिलो। और तुम अपनी बाल्टी से अपने भाई के बर्तन में पानी डालो।" यह हदीस अबू ज़ार से भी रिवायत है। अबू ईसा ने कहा; यह एक असली हसन हदीस है।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 14182, 14348, 17992, 19717, 20542, 22168, 22281, 22290
इमाम मुस्लिम : 4760
इमाम तिर्मिदज़ी : 1893