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Shadaqah dapat mencegah fitnah
Imam Tirmidzi : 2184حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ عَنْ الْأَعْمَشِ وَحَمَّادٍ وَعَاصِمِ بْنِ بَهْدَلَةَ سَمِعُوا أَبَا وَائِلٍ عَنْ حُذَيْفَةَ قَالَ قَالَ عُمَرُ أَيُّكُمْ يَحْفَظُ مَا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي الْفِتْنَةِ فَقَالَ حُذَيْفَةُ أَنَا قَالَ حُذَيْفَةُ فِتْنَةُ الرَّجُلِ فِي أَهْلِهِ وَمَالِهِ وَوَلَدِهِ وَجَارِهِ يُكَفِّرُهَا الصَّلَاةُ وَالصَّوْمُ وَالصَّدَقَةُ وَالْأَمْرُ بِالْمَعْرُوفِ وَالنَّهْيُ عَنْ الْمُنْكَرِ فَقَالَ عُمَرُ لَسْتُ عَنْ هَذَا أَسْأَلُكَ وَلَكِنْ عَنْ الْفِتْنَةِ الَّتِي تَمُوجُ كَمَوْجِ الْبَحْرِ قَالَ يَا أَمِيرَ الْمُؤْمِنِينَ إِنَّ بَيْنَكَ وَبَيْنَهَا بَابًا مُغْلَقًا قَالَ عُمَرُ أَيُفْتَحُ أَمْ يُكْسَرُ قَالَ بَلْ يُكْسَرُ قَالَ إِذًا لَا يُغْلَقُ إِلَى يَوْمِ الْقِيَامَةِ قَالَ أَبُو وَائِلٍ فِي حَدِيثِ حَمَّادٍ فَقُلْتُ لِمَسْرُوقٍ سَلْ حُذَيْفَةَ عَنْ الْبَابِ فَسَأَلَهُ فَقَالَ عُمَرُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ صَحِيحٌ
हमरा सब के कहलक अछि [महमुद बिन घैलन] हमरा सब के कहने अछि [अबू दाऊद] हमरा सब के [स्यूबाह] के [अल अमासी] आ [हम्मद] आ [अशिम बिन बहदलाह] स रिपोर्ट केने छथि, ओ सब [अबू वईल] के [हुदजाइफा] स कहैत सुनने छथि: उमर कहलनि: अहाँ सब में स के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलाहि वाम के बात रटने अछि निंदा? हुदजाइफा कहलक: हम छी। हुदजाइफा कहलक : ओकर परिवार, संपत्ति, बच्चा आ पड़ोसी मे ककरो निंदा, नमाज, उपवास, भिक्षा, अमर मा'रुफ आ नहयी मुंकर स मेटा सकैत अछि। उमर बजलाह: हम से नहि पूछि रहल छी, समुद्रक लहरि जकाँ लहरि रहल निंदाक विषय मे। हुजैफा कहलनि: हे अमीरुल मुमिनिन, सचमुच अहाँ आ फितनाह के बीच एकटा बंद दरबज्जा अछि। उमर पुछलखिन: खुजल छल आकि तोड़ल गेल? हुदजाइफा उत्तर देलक: एकरा तोड़ि देल गेल। उमर कहलखिन : एकर मतलब ई जे कयामत के दिन तक बंद नै होयत। अबू व`इल हम्मद के हदीस में कहने छथि: हम मस्रुक के कहलियनि: हुदजाइफा स पूछू जे दरवाजा के मतलब की होइत छैक। मस्रुक पुछलकै तखन हुदजाइफा जवाब देलकैक: उमर। अबू ईसा कहलनि: ई हदीस प्रामाणिक अछि।