प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1330
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ حَدَّثَنَا عُمَارَةُ بْنُ الْقَعْقَاعِ حَدَّثَنَا أَبُو زُرْعَةَ حَدَّثَنَا أَبُو هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَجَاءَ رَجُلٌ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَيُّ الصَّدَقَةِ أَعْظَمُ أَجْرًا قَالَ أَنْ تَصَدَّقَ وَأَنْتَ صَحِيحٌ شَحِيحٌ تَخْشَى الْفَقْرَ وَتَأْمُلُ الْغِنَى وَلَا تُمْهِلُ حَتَّى إِذَا بَلَغَتْ الْحُلْقُومَ قُلْتَ لِفُلَانٍ كَذَا وَلِفُلَانٍ كَذَا وَقَدْ كَانَ لِفُلَانٍ
हमें बताया है [मूसा बिन इस्माइल] ने हमें बताया है [अब्दुल वाहिद] ने हमें बताया है [उमरा बनल क़ाक़ा] ने हमें बताया है [अबू ज़ुरा] ने हमें बताया है [अबू हुरैरा रदियल्लाहु अन्हु] ने कहा,: "एक आदमी पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आया और कहा,: "अल्लाह के रसूल, सबसे बड़ा सदक़ा क्या है?"। उन्होंने उत्तर दिया: "तुमने शदक़ा तब दिया जब तुम अच्छे स्वास्थ्य और कंजूस थे, गरीब होने से डरते थे और अमीर बनने का सपना देखते थे। इसलिए इसे तब तक न टालो जब तक कि तुम्हारी जान तुम्हारे गले पर न आ जाए। फिर आप कहते हैं, फलां ऐसा है (इसके पास यह है) और फलां ऐसा है। भले ही संपत्ति फलां की हो।