प्रतिनिधि हदीस
इमाम इब्नु माजा : 1781
حَدَّثَنَا بَكْرُ بْنُ خَلَفٍ وَمُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى قَالَا حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى أَنْبَأَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ إِسْمَعِيلَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ وَاقِدٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ وَعَائِشَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَأْخُذُ مِنْ كُلِّ عِشْرِينَ دِينَارًا فَصَاعِدًا نِصْفَ دِينَارٍ وَمِنْ الْأَرْبَعِينَ دِينَارًا دِينَارًا
हमें बताया गया है कि [बक्र बिन खलफ़] और [मुहम्मद बिन याह्या] दोनों ने कहा; हमें बताया है [उबैदुल्लाह बिन मूसा] ने कहा, हमें बताया है [इब्राहिम बिन इस्माइल] ने [अब्दुल्लाह बिन वाकिद] से [इब्न उमर] और [ऐस्या] ने कहा, "पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हर बीस दीनार से आधे दीनार से ज़्यादा और चालीस दीनार से एक दीनार जितनी ज़कात ली।"