Hadith Representative
Rukun Islam saja sudah cukup, apabila benar-benar dilaksanakan, tidak ditambah dan tidak dikurangi sedikitpun akan memasukkan pelakunya ke dalam surga
Imam Nasa'i : 2064أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَعْمَرٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ الْعَقَدِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ الْمُغِيرَةِ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍ قَالَنُهِينَا فِي الْقُرْآنِ أَنْ نَسْأَلَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ شَيْءٍ فَكَانَ يُعْجِبُنَا أَنْ يَجِيءَ الرَّجُلُ الْعَاقِلُ مِنْ أَهْلِ الْبَادِيَةِ فَيَسْأَلَهُ فَجَاءَ رَجُلٌ مِنْ أَهْلِ الْبَادِيَةِ فَقَالَ يَا مُحَمَّدُ أَتَانَا رَسُولُكَ فَأَخْبَرَنَا أَنَّكَ تَزْعُمُ أَنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ أَرْسَلَكَ قَالَ صَدَقَ قَالَ فَمَنْ خَلَقَ السَّمَاءَ قَالَ اللَّهُ قَالَ فَمَنْ خَلَقَ الْأَرْضَ قَالَ اللَّهُ قَالَ فَمَنْ نَصَبَ فِيهَا الْجِبَالَ قَالَ اللَّهُ قَالَ فَمَنْ جَعَلَ فِيهَا الْمَنَافِعَ قَالَ اللَّهُ قَالَ فَبِالَّذِي خَلَقَ السَّمَاءَ وَالْأَرْضَ وَنَصَبَ فِيهَا الْجِبَالَ وَجَعَلَ فِيهَا الْمَنَافِعَ آللَّهُ أَرْسَلَكَ قَالَ نَعَمْ قَالَ وَزَعَمَ رَسُولُكَ أَنَّ عَلَيْنَا خَمْسَ صَلَوَاتٍ فِي كُلِّ يَوْمٍ وَلَيْلَةٍ قَالَ صَدَقَ قَالَ فَبِالَّذِي أَرْسَلَكَ آللَّهُ أَمَرَكَ بِهَذَا قَالَ نَعَمْ قَالَ وَزَعَمَ رَسُولُكَ أَنَّ عَلَيْنَا زَكَاةَ أَمْوَالِنَا قَالَ صَدَقَ قَالَ فَبِالَّذِي أَرْسَلَكَ آللَّهُ أَمَرَكَ بِهَذَا قَالَ نَعَمْ قَالَ وَزَعَمَ رَسُولُكَ أَنَّ عَلَيْنَا صَوْمَ شَهْرِ رَمَضَانَ فِي كُلِّ سَنَةٍ قَالَ صَدَقَ قَالَ فَبِالَّذِي أَرْسَلَكَ آللَّهُ أَمَرَكَ بِهَذَا قَالَ نَعَمْ قَالَ وَزَعَمَ رَسُولُكَ أَنَّ عَلَيْنَا الْحَجَّ مَنْ اسْتَطَاعَ إِلَيْهِ سَبِيلًا قَالَ صَدَقَ قَالَ فَبِالَّذِي أَرْسَلَكَ آللَّهُ أَمَرَكَ بِهَذَا قَالَ نَعَمْ قَالَ فَوَالَّذِي بَعَثَكَ بِالْحَقِّ لَا أَزِيدَنَّ عَلَيْهِنَّ شَيْئًا وَلَا أَنْقُصُ فَلَمَّا وَلَّى قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَئِنْ صَدَقَ لَيَدْخُلَنَّ الْجَنَّةَ
सानू [मुहम्मद बिन मा'मर] दी जानकारी दित्ती है उसने आख्या; सानु दस्सेया है [अबू अमीर अल अकादी] उसने कहा; ने सानु [सुलेमान बिन अल मुगिराह] गी [थाबीत] कोला [अनास] कोला दस्सेया ऐ उने आखेआ; 'कुरान च असेंगी नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कोला कुसै गल्लै बारै पुच्छने थमां मनाही ऐ।' साडे वास्ते बड़ा हैरानी होवेगी जे ग्रां दे वासी विचों कोई समझदार आ के उस तों पूछे। फिरी इक ग्रां दे लोक आ के आखया; 'हे मुहम्मद, तुहाडा रसूलुल्लाह साडे कोल आ गया है, फिर उसने सानु दस्या कि तुहानूं लगदा है कि अल्लाह अज्ज व जल्ला ने तुहानूं भेज दित्ता है?' उसने जवाब दित्ता: 'सही है'। उसने पुच्छया; 'फिर आकाश किसने बनाया?' उसने जवाब दित्ता, 'अल्लाह'। उसने पुच्छया; 'पहाड़े किसने स्थापित किये?' उसने जवाब दित्ता: 'अल्लाह'। उसने पुच्छया; 'जिसने इस च बक्ख-बक्ख फायदे कीते न'। उसने जवाब दित्ता: 'अल्लाह'। उसने पुच्छया; 'जिस ने आकाश ते धरती पैदा कीती, पहाड़ें गी स्थापित कीता ते उंदे च फायदे पैदा कीते, क्या अल्लाह ने तुसें गी भेजेआ ऐ?' उसने जवाब दित्ता: 'हां'। उसने पुच्छया; 'और तुहाडा रसूलुल्लाह सोचदा है कि असीं दिन ते रात पंज वारी नमाज पढ़न दा फर्ज हां?' उसने जवाब दित्ता: 'सही है'। उसने पुच्छया; 'तो जिसने तुहानूं भेजया है, उस दे द्वारा क्या अल्लाह ने तुहानूं ऐह करन दा हुक्म दित्ता है?' उसने जवाब दित्ता: 'हां'। उसने पुच्छया; 'तुहाडा दूत मनदा है कि असीं अपनी संपत्ति ते जकात देना बाध्य हां?' उसने जवाब दित्ता: 'सही है'। उसने पुच्छया; 'जिस ने तुहानूं भेजया है, उस दी कसम, क्या अल्लाह ने तुहानूं ऐह करन दा हुक्म दित्ता है? उसने जवाब दित्ता: 'हां'। उसने फिर पुच्छया; 'और तुहाडा रसूलुल्लाह सोचदा है कि सानू हर साल रमजान दे महीने च रोजा रखना फर्ज है?' उसने जवाब दित्ता: 'सही है'। उसने पुच्छया; 'तो जिसने तुहानूं भेजया है, उस दे द्वारा क्या अल्लाह ने तुहानूं ऐह करन दा हुक्म दित्ता है?' उसने जवाब दित्ता: 'हां।' उसने फिर पुच्छया; 'और तुहाडा रसूलुल्लाह समझदा है कि असीं हज करन दा फर्ज हां कि कौन सफर कर सकदा है?' उसने जवाब दित्ता: 'सही है'। उसने पुच्छया; 'जिस ने तुहानूं भेजया है, उस दी कसम, क्या अल्लाह ने तुहानूं ऐह करन दा हुक्म दित्ता है?' उसने जवाब दित्ता: 'हां'। उसने आख्या; 'जिस ने तुहानूं सच्चाई नाल भेजया है, मैं उस सारे विच इक आयोटा नहीं जोड़ां ते उस नूं घट्ट नहीं करवांगा'। उंदे जाने दे बाद नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'वास्तव च जेकर ओह सही ऐ तां ओह् स्वर्ग च जरूर दाखल होग'।