Hadith Representative
Syahadat merupakan syarat masuk Islam atau rukun pertama
Imam Tirmidzi : 2534حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ سُعَيْرِ بْنِ الْخِمْسِ التَّمِيمِيِّ عَنْ حَبيِبِ بْنِ أَبِي ثَابِتٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بُنِيَ الْإِسْلَامُ عَلَى خَمْسٍ شَهَادَةِ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَأَنَّ مُحَمَّدًا رَسُولُ اللَّهِ وَإِقَامِ الصَّلَاةِ وَإِيتَاءِ الزَّكَاةِ وَصَوْمِ رَمَضَانَ وَحَجِّ الْبَيْتِوَفِي الْبَاب عَنْ جَرِيرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَ هَذَا وَسُعَيْرُ بْنُ الْخِمْسِ ثِقَةٌ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ حَنْظَلَةَ بْنِ أَبِي سُفْيَانَ الْجُمَحِيِّ عَنْ عِكْرِمَةَ بْنِ خَالِدٍ الْمَخْزُومِيِّ عَنْ ابْنِ عُمَرَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमरा सब के [इब्न अबी उमर] के कहलक अछि, हमरा सब के [सुफयान बिन उयैनह] स [तमीमी में सुअइर बिन अल खिम्स] स [हबीब बिन अबी थाबीत] स [इब्न उमर] स कहलक अछि, रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'इस्लाम पांच नींव पर बनल अछि: गवाही जे कोनो भगवान नै अछि - इबादत के लायक - सिवाय अल्लाह, आरू कि मुहम्मद अल्लाह के रसूलुल्लाह छै, नमाज स्थापित करै छै, जकात दै छै, रमजान के दौरान रोजा करै छै, आरू बैतुल्लाह के तीर्थ करै छै' । आ ओहि अध्याय मे - सेहो रिवायत अछि - जरीर बिन अब्दुल्ला सँ। अबू ईसा कहलनि; 'ई एकटा प्रामाणिक हसन हदीस अछि।' आरू ई खाली एक तरह स॑ नै, इब्न उमर स॑, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसलाम स॑ ई तरह स॑ रिवायत करलऽ गेलऽ छै । एम्हर सुआइर बिन अल खिम्स हदीस विशेषज्ञक अनुसार त्सीकाह छल । [अबू कुरैब] न॑ हमरा सब क॑ बतैलकै, [वाकी’] न॑ हमरा सब क॑ बतैलकै, [हंझालाह बिन अबी सुफियन अल जुमाही] स॑, [इक्रीमाह बिन खालिद अल मखज़ूमी] स॑ [इब्न उमर] स॑ पैगम्बर सल्लल्लाहु ‘अलैहि वसलाम उदाहरण लेली’ स॑ । अबू ईसा कहलनि; 'ई एकटा प्रामाणिक हसन हदीस अछि'।