प्रतिनिधि हदीस
इमाम अहमद : 20358
حَدَّثَنَا عَفَّانُ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ عَنْ أَبِي مَعْرُوفٍ أَنَّ أَبَا ذَرٍّ حَدَّثَهُمْ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَوْ أَنَّ عَبْدِي اسْتَقْبَلَنِي بِقُرَابِ الْأَرْضِ خَطَايَا اسْتَقْبَلْتُهُ بِقُرَابِهَا مَغْفِرَةً
हमें [अफ्फान] ने [हम्माद] को [अली बिन ज़ैद] से [अबू मआरूफ] से वर्णित किया है कि [अबू दज़र] ने वर्णित किया, "अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: अल्लाह कहते हैं: "यदि मेरा सेवक मेरे पास पृथ्वी के सभी पापों के साथ आता है, तो मैं भी उसके पास सारी पृथ्वी की क्षमा के साथ आऊंगा।"