हदीस
Iman akan terus berkembang hingga sempurna
Imam Bukhari : 49حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ حَمْزَةَ قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ صَالِحٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَبَّاسٍ أَخْبَرَهُ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو سُفْيَانَ بْنُ حَرْبٍأَنَّ هِرَقْلَ قَالَ لَهُ سَأَلْتُكَ هَلْ يَزِيدُونَ أَمْ يَنْقُصُونَ فَزَعَمْتَ أَنَّهُمْ يَزِيدُونَ وَكَذَلِكَ الْإِيمَانُ حَتَّى يَتِمَّ وَسَأَلْتُكَ هَلْ يَرْتَدُّ أَحَدٌ سَخْطَةً لِدِينِهِ بَعْدَ أَنْ يَدْخُلَ فِيهِ فَزَعَمْتَ أَنْ لَا وَكَذَلِكَ الْإِيمَانُ حِينَ تُخَالِطُ بَشَاشَتُهُ الْقُلُوبَ لَا يَسْخَطُهُ أَحَدٌ
[इब्राहिम बिन हमजाह] हमनी से बतवले, [इब्राहिम बिन स’द] [इब्न शिहाब] से [सालिह] से [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह] से हमनी के बतवले कि [अब्दुल्लाह बिन अब्बास] उनुका से बतवले, कि उ कहले कि; [अबू सुफियान बिन हर्ब] हमरा से बतवले कि हेराकलिस उनुका से कहले: 'हम रउआ से पूछनी कि का उनुकर संख्या बढ़ रहल बा कि घट रहल बा? त रउआ कहनी कि उ लोग बढ़ रहल बा, आ जब तक विश्वास सिद्ध ना हो जाई तब तक अईसने विश्वास के विकास जारी रही। आ हम रउरा से पूछनी कि का केहू अइसन बा जे अपना धर्म के प्रति आक्रोश के चलते धर्मत्याग करेला? तब तू कहनी कि ना, त ओसही विश्वास जब दिल में बढ़ जाई त ओकरा प्रति नाराजगी ना होई।'