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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Iman, Tauhid dan Syahadat Iman Penjelasan tentang iman, Islam dan ihsan

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Penjelasan tentang iman, Islam dan ihsan
Imam Tirmidzi : 2535

حَدَّثَنَا أَبُو عَمَّارٍ الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ الْخُزَاعِيُّ أَخْبَرَنَا وَكِيعٌ عَنْ كَهْمَسِ بْنِ الْحَسَنِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ يَحْيَى بْنِ يَعْمَرَ قَالَأَوَّلُ مَنْ تَكَلَّمَ فِي الْقَدَرِ مَعْبَدٌ الْجُهَنِيُّ قَالَ فَخَرَجْتُ أَنَا وَحُمَيْدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحِمْيَرِيُّ حَتَّى أَتَيْنَا الْمَدِينَةَ فَقُلْنَا لَوْ لَقِينَا رَجُلًا مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَسَأَلْنَاهُ عَمَّا أَحْدَثَ هَؤُلَاءِ الْقَوْمُ قَالَ فَلَقِينَاهُ يَعْنِي عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ وَهُوَ خَارِجٌ مِنْ الْمَسْجِدِ قَالَ فَاكْتَنَفْتُهُ أَنَا وَصَاحِبِي قَالَ فَظَنَنْتُ أَنَّ صَاحِبِي سَيَكِلُ الْكَلَامَ إِلَيَّ فَقُلْتُ يَا أَبَا عَبْدِ الرَّحْمَنِ إِنَّ قَوْمًا يَقْرَءُونَ الْقُرْآنَ وَيَتَقَفَّرُونَ الْعِلْمَ وَيَزْعُمُونَ أَنْ لَا قَدَرَ وَأَنَّ الْأَمْرَ أُنُفٌ قَالَ فَإِذَا لَقِيتَ أُولَئِكَ فَأَخْبِرْهُمْ أَنِّي مِنْهُمْ بَرِيءٌ وَأَنَّهُمْ مِنِّي بُرَءَاءُ وَالَّذِي يَحْلِفُ بِهِ عَبْدُ اللَّهِ لَوْ أَنَّ أَحَدَهُمْ أَنْفَقَ مِثْلَ أُحُدٍ ذَهَبًا مَا قُبِلَ ذَلِكَ مِنْهُ حَتَّى يُؤْمِنَ بِالْقَدَرِ خَيْرِهِ وَشَرِّهِ قَالَ ثُمَّ أَنْشَأَ يُحَدِّثُ فَقَالَ قَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ كُنَّا عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَجَاءَ رَجُلٌ شَدِيدُ بَيَاضِ الثِّيَابِ شَدِيدُ سَوَادِ الشَّعَرِ لَا يُرَى عَلَيْهِ أَثَرُ السَّفَرِ وَلَا يَعْرِفُهُ مِنَّا أَحَدٌ حَتَّى أَتَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَلْزَقَ رُكْبَتَهُ بِرُكْبَتِهِ ثُمَّ قَالَ يَا مُحَمَّدُ مَا الْإِيمَانُ قَالَ أَنْ تُؤْمِنَ بِاللَّهِ وَمَلَائِكَتِهِ وَكُتُبِهِ وَرُسُلِهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ وَالْقَدَرِ خَيْرِهِ وَشَرِّهِ قَالَ فَمَا الْإِسْلَامُ قَالَ شَهَادَةُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ وَإِقَامُ الصَّلَاةِ وَإِيتَاءُ الزَّكَاةِ وَحَجُّ الْبَيْتِ وَصَوْمُ رَمَضَانَ قَالَ فَمَا الْإِحْسَانُ قَالَ أَنْ تَعْبُدَ اللَّهَ كَأَنَّكَ تَرَاهُ فَإِنَّكَ إِنْ لَمْ تَكُنْ تَرَاهُ فَإِنَّهُ يَرَاكَ قَالَ فِي كُلِّ ذَلِكَ يَقُولُ لَهُ صَدَقْتَ قَالَ فَتَعَجَّبْنَا مِنْهُ يَسْأَلُهُ وَيُصَدِّقُهُ قَالَ فَمَتَى السَّاعَةُ قَالَ مَا الْمَسْئُولُ عَنْهَا بِأَعْلَمَ مِنْ السَّائِلِ قَالَ فَمَا أَمَارَتُهَا قَالَ أَنْ تَلِدَ الْأَمَةُ رَبَّتَهَا وَأَنْ تَرَى الْحُفَاةَ الْعُرَاةَ الْعَالَةَ أَصْحَابَ الشَّاءِ يَتَطَاوَلُونَ فِي الْبُنْيَانِ قَالَ عُمَرُ فَلَقِيَنِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَعْدَ ذَلِكَ بِثَلَاثٍ فَقَالَ يَا عُمَرُ هَلْ تَدْرِي مَنْ السَّائِلُ ذَاكَ جِبْرِيلُ أَتَاكُمْ يُعَلِّمُكُمْ مَعَالِمَ دِينِكُمْحَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدٍ أَخْبَرَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ أَخْبَرَنَا كَهْمَسُ بْنُ الْحَسَنِ بِهَذَا الْإِسْنَادِ نَحْوَهُ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ مُعَاذٍ عَنْ كَهْمَسٍ بِهَذَا الْإِسْنَادِ نَحْوَهُ بِمَعْنَاهُ وَفِي الْبَاب عَنْ طَلْحَةَ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ وَأَنَسِ بْنِ مَالِكٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ قَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ نَحْوُ هَذَا عَنْ عُمَرَ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ عَنْ ابْنِ عُمَرَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالصَّحِيحُ هُوَ ابْنُ عُمَرَ عَنْ عُمَرَ عَنْ النَّبِيِّ

हमरा सब के कहलक अछि [अबू अम्मर अल हुसैन बिन हुरैतस अल खुजाई] हमरा सब के [कहमस बिन अल हसन] स [वाकी'] [अब्दुल्लाह बिन बुराइदा] स [याह्या बिन या'मर] स कहलक अछि ओ कहलनि; जे व्यक्ति सबसँ पहिने नियति के विज्ञान पर चर्चा केने छलाह ओ छलाह मा'बद अल जुहानी' | याह्या कहलक; 'हम हुमैद बिन अब्दुररहमान अल हिम्यारी के साथ बाहर निकललौं, जाबे तक मदीना नै पहुँचलौं, तखन हम कहलौं; 'जँ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथी सब स कोनो आदमी स भेंट होइत छल त ओकरा स कोनो एहन बात पूछैत छल जे ओ लोक सब कहने छल।' याह्या कहलनि, 'त' हम सभ हुनका सँ अर्थात [अब्दुल्लाह बिन उमर] सँ भेंट केलहुँ, जखन ओ मस्जिद सँ बाहर निकलि रहल छलाह।' तखन हम आ हमर मित्र हुनकर सामना केलहुं'। हमरा लागल जे हमर मित्र हमरा पर गप्प सौंपताह, तें हम कहलियनि; 'हे अबू अब्दुररहमान, सचमुच एक लोग कुरान पढ़ी क॑ ज्ञान के खोज करै छै आरू ओकरा बाद दावा करै छै कि कोनो किस्मत नै छै, आरू मामला नया छै - भाग्य आरू अल्लाह के ज्ञान स॑ पहल॑ नै -' । त अब्दुल्ला बिन उमर जवाब देलनि; 'जखन अहाँ एहि लोक सभसँ भेंट करब तखन कहब जे हम हुनका सभकेँ छोड़ि रहल छी, आ ओ सभ हमरा छोड़ि रहल छथि ।' आरू जेकरा स॑ अल्लाह केरऽ सेवक कसम खाबै छै, ओकरा द्वारा अगर तोरा सिनी म॑ स॑ कोय उहुद पहाड़ के तरह सोना खर्च करतै त॑ ओकरऽ दक्षिणा निश्चित रूप स॑ तब तलक स्वीकार नै करलऽ जैतै जब॑ तलक वू अच्छा-बेजाय भाग्य प॑ विश्वास नै करी लेतै’ । याह्या कहलनि, 'तखन ओ हदीस सुनाब' लगलाह आ कहलनि; [उमर बिन अल खथथब] कहलनि; एक बेर हम सब अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कात में छलहुं, तखन एकटा आदमी आयल छल जिनकर कपड़ा बहुत उज्जर छल, केश बहुत कारी छल, आ हुनका पर यात्रा के कोनो निशान नहिं देखा रहल छल. हमरा सभ मे सँ कियो हुनका ता धरि नहि चिन्हैत छल जाबत धरि ओ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) लग नहि आबि गेलाह आ ठेहुन पर ठेहुन झुका क' कहलनि, "हे मुहम्मद, ईमान की होइत छैक?" ओ जवाब देलनि: "अल्लाह, हुनकर स्वर्गदूत, हुनकर किताब, अंतिम दिन, आ नियति पर विश्वास करब, नीक आ बेजाय।" ओ पुछलनि: "इस्लाम की होइत छैक?" ओ जवाब देलनि: "गवाही देबय लेल जे अल्लाह के अलावा कोनो देवता इबादत के लायक नहि छथि आ मुहम्मद हुनकर सेवक आ दूत छथि, नमाज स्थापित करय लेल, जकात देबय लेल, हज करय लेल, आ रमजान में रोजा रखय लेल." ओ पुछलखिन: "इहसान की होइत छैक?" ओ जवाब देलखिन: "अल्लाह के एना पूजा करब जेना अहाँ हुनका देखैत छी, कारण जँ अहाँ हुनका नहि देखैत छी त' सचमुच ओ अहाँ के देखैत छथि." उमर कहलनि: "हर जवाब पर ओ कहैत छलाह: 'अहाँ सही कहैत छी।' उमर कहलनि: "त' हम सभ हुनका पर आश्चर्यचकित भ' गेलहुँ, तेँ ओ हुनका सँ पुछलनि आ ओ फेर पुछलनि: 'अंतिम दिन कहिया होयत?' ओ उत्तर देलथिन - जे पूछल जाइत अछि ओकरा पूछनिहार स नीक नहि बुझल अछि।' ओ पुछलथिन: 'तखन एकर की संकेत अछि?' ओ उत्तर देलनि: 'जखन कोनो दास अपन मालिकक लेल बच्चाक जन्म दैत अछि, आ अहाँ एकटा नंगटे, नंगटे, गरीब, चरबाह बकरी देखैत छी, तइयो भवन बनेबा मे घमंड करैत अछि।' उमर कहलनि: तखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तीन दिनक बाद हमरा लग आबि कहलनि: हे उमर, की अहाँ केँ बुझल अछि जे प्रश्नकर्ता के छल, ओ अहाँ केँ अहाँक धार्मिक ज्ञानक बारे मे सिखाब’ लेल अबैत छथि। हमरा सब के कहलक अछि [अहमद बिन मुहम्मद] हमरा सब के कहलक अछि [इब्न अल मुबारक] हमरा सब के [कहमस बिन अल हसन] केने छथि [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] हमरा सब के [मुअद बिन मुअद] स एहि इसनाद के उपमा आ ओकर अर्थ के संग बतौने छथि उबैदुल्लाह आरू अनस बिन मलिक आरू अबू हुरैरा न॑ कहलकै कि ई हदीस हसन सहीह हदीस छै आरू ई हदीस इब्न उमर स॑ नबी शल्लल्लाहु अलैहि वसलाम स॑ रिवायत करलऽ गेलऽ छै शल्लल्लाहु 'अलैहि वसलम'।

Hadith Corroboration :


Imam Ahmad : 9137
Imam Bukhari : 48, 4404
Imam Muslim : 10, 11
Imam Tirmidzi : 2535
Imam Ibnu Majah : 63