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Tidak seorang pun dari kalian, kecuali telah ditulis tempat duduknya, neraka ataukah surga
Imam Tirmidzi : 2062حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْحُلْوَانِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ وَوَكِيعٌ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ سَعْدِ بْنِ عُبَيْدَةَ عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ السُّلَمِيِّ عَنْ عَلِيٍّ قَالَبَيْنَمَا نَحْنُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يَنْكُتُ فِي الْأَرْضِ إِذْ رَفَعَ رَأْسَهُ إِلَى السَّمَاءِ ثُمَّ قَالَ مَا مِنْكُمْ مِنْ أَحَدٍ إِلَّا قَدْ عُلِمَ وَقَالَ وَكِيعٌ إِلَّا قَدْ كُتِبَ مَقْعَدُهُ مِنْ النَّارِ وَمَقْعَدُهُ مِنْ الْجَنَّةِ قَالُوا أَفَلَا نَتَّكِلُ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ لَا اعْمَلُوا فَكُلٌّ مُيَسَّرٌ لِمَا خُلِقَ لَهُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमरा सभकेँ [अल हसन बिन अली अल हुलवानी] कहि देने छथि; हमरा सब के [‘अब्दुल्लाह बिन नुमैर] आ [वाकी’] के [अल अ’मासी] स [स’द बिन उबैदा] स [अबू अब्दुर्रहमान अस सुलामी] स [अली] स कहलक अछि; जखन हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग छलहुं तखन ओहि समय ओ जमीन दिस नीचा ताकि रहल छलाह. अचानक ओ अपन माथ आकाश दिस उठौलनि आ बजलाह : 'अहाँ सभ मे सँ कियो नहि, सिवाय ओकर -नियति- केँ नहि जनैत अछि'। वाकी' कहलकै, 'जब तक आसन नै लिखल जायत, चाहे ओ नरक सँ हो वा स्वर्ग सँ'। तखन साथी सब पुछलकै, 'तखन हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हम सब बस एहि पर भरोसा राखब त की नीक नहि होयत?' ओ उत्तर देलनि: 'नहि! नीक काज करू, कारण सब केँ कोनो एहन चीज तक पहुँच भेटत जे ओकरा लेल बनल छैक'। अबू ईसा कहलनि; ई एकटा प्रामाणिक हसन हदीस अछि।