प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 2898
حَدَّثَنَا مُوسَى حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ مَوْهَبٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَإِنَّمَا تَغَيَّبَ عُثْمَانُ عَنْ بَدْرٍ فَإِنَّهُ كَانَتْ تَحْتَهُ بِنْتُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَكَانَتْ مَرِيضَةً فَقَالَ لَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ لَكَ أَجْرَ رَجُلٍ مِمَّنْ شَهِدَ بَدْرًا وَسَهْمَهُ
हमें बताया है [मूसा] ने हमें बताया है [अबू अवाना] ने हमें बताया है [उथमान बिन मह्वाब] ने [इब्न उमर रदलिल्लाहु अन्हुमा] से कहा; "असल में, उस्मान ने बद्र युद्ध में हिस्सा इसलिए नहीं लिया क्योंकि वह रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बीमार बेटी का इंतज़ार कर रहे थे। पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे कहा: "तुम्हें बद्र युद्ध में हिस्सा लेने वालों जैसा इनाम और उनका हिस्सा (गनीमा) मिलेगा।"