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Nabi disihir oleh Labid bin Al-A'sham
Imam Muslim : 4059حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ عَنْ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ سَحَرَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَهُودِيٌّ مِنْ يَهُودِ بَنِي زُرَيْقٍ يُقَالُ لَهُ لَبِيدُ بْنُ الْأَعْصَمِ قَالَتْ حَتَّى كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُخَيَّلُ إِلَيْهِ أَنَّهُ يَفْعَلُ الشَّيْءَ وَمَا يَفْعَلُهُ حَتَّى إِذَا كَانَ ذَاتَ يَوْمٍ أَوْ ذَاتَ لَيْلَةٍ دَعَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ دَعَا ثُمَّ دَعَا ثُمَّ قَالَ يَا عَائِشَةُ أَشَعَرْتِ أَنَّ اللَّهَ أَفْتَانِي فِيمَا اسْتَفْتَيْتُهُ فِيهِ جَاءَنِي رَجُلَانِ فَقَعَدَ أَحَدُهُمَا عِنْدَ رَأْسِي وَالْآخَرُ عِنْدَ رِجْلَيَّ فَقَالَ الَّذِي عِنْدَ رَأْسِي لِلَّذِي عِنْدَ رِجْلَيَّ أَوْ الَّذِي عِنْدَ رِجْلَيَّ لِلَّذِي عِنْدَ رَأْسِي مَا وَجَعُ الرَّجُلِ قَالَ مَطْبُوبٌ قَالَ مَنْ طَبَّهُ قَالَ لَبِيدُ بْنُ الْأَعْصَمِ قَالَ فِي أَيِّ شَيْءٍ قَالَ فِي مُشْطٍ وَمُشَاطَةٍ قَالَ وَجُفِّ طَلْعَةِ ذَكَرٍ قَالَ فَأَيْنَ هُوَ قَالَ فِي بِئْرِ ذِي أَرْوَانَ قَالَتْ فَأَتَاهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي أُنَاسٍ مِنْ أَصْحَابِهِ ثُمَّ قَالَ يَا عَائِشَةُ وَاللَّهِ لَكَأَنَّ مَاءَهَا نُقَاعَةُ الْحِنَّاءِ وَلَكَأَنَّ نَخْلَهَا رُءُوسُ الشَّيَاطِينِ قَالَتْ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَفَلَا أَحْرَقْتَهُ قَالَ لَا أَمَّا أَنَا فَقَدْ عَافَانِي اللَّهُ وَكَرِهْتُ أَنْ أُثِيرَ عَلَى النَّاسِ شَرًّا فَأَمَرْتُ بِهَا فَدُفِنَتْ حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ سُحِرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَسَاقَ أَبُو كُرَيْبٍ الْحَدِيثَ بِقِصَّتِهِ نَحْوَ حَدِيثِ ابْنِ نُمَيْرٍ وَقَالَ فِيهِ فَذَهَبَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى الْبِئْرِ فَنَظَرَ إِلَيْهَا وَعَلَيْهَا نَخْلٌ وَقَالَتْ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ فَأَخْرِجْهُ وَلَمْ يَقُلْ أَفَلَا أَحْرَقْتَهُ وَلَمْ يَذْكُرْ فَأَمَرْتُ بِهَا فَدُفِنَتْ
म्हानै [अबू कुरैब] बतायो है; म्हानै [इब्न नुमीर] नै [हिशम] सूं [उणरै पिता] सूं ['आइशा] सूं बतायो है; 'बनी जुरैक रो एक यहूदी, जिणरौ नांव हो लाबीद बिन अशम, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै इसा मोहित कर दियौ कै वो इण कारणै मोहभंग हुयग्यौ। लाग्यो जाणै बो कीं कर रैयो हो जिको बो असल मांय नीं कर रैयो हो। इण वास्तै एक दिन या एक रात प्रार्थना करी, फेर प्रार्थना करी अर प्रार्थना करी। इणरै बाद उण ऐसिया सूं पूछ्यो: 'हां, ऐस्या! कांई थनै याद है कै अल्लाह सुभानाहु वा ताआला एक बार दो आदमीयां रै आवा री बात बताई ही, एक म्हारै सिर रै कनै बैठ्यो हो अर दूजो म्हारै पगां रै कनै। फेर म्हारै सिर रै कनै रो आदमी म्हारै पगां रै कनै रै मिनख सूं पूछै है, या फेर उल्टो; 'कांई ओ आदमी बीमार है? ' उण जवाब दियो; 'जादू! ' बो पूछ्यो; 'उणनै कुण मंत्रमुग्ध कर दियो? ' दूजा जवाब दियो; 'लाबिद बिन अ'शम! ' बो फेरूं पूछ्यो; 'वो कांई चीज सूं मंत्रमुग्ध हो? ' बो जवाब दियो; 'कंघी अर सूखी खजूर रो प्रयोग करो'। बो फेरूं पूछ्यो; अबार ओ कठै है? ' बो जवाब दियो; 'डीजी अरवान रै कुवै माथै'। 'आइशा बोली; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कई दोस्तां रै साथै इण वस्तुवां नै ढूंढण गया। फेर बो बोल्यो: 'हां,' ऐसिया। म्हैं देख्यो कै कुवै रो पाणी लाल रंग रो हो, जदकै खजूर रा पेड़ शैतानां रै सिर दांई दीखै हा।' फेर म्हैं पूछ्यो; 'थै इणनै जळायो कोनी? ' पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब दियो: 'नीं! क्यूंकै अल्लाह सुभानाहु वा ताआला म्हनै ठीक कर दियो है, अर मैं बुराई रै बदलै बुराई रो बदलो नीं लेणो चावूं, इण वास्तै म्हैं थानै कैयो हो कै बस इणनै दफनाओ! ' म्हानै [अबू कुरैब] बतायो है; म्हानै [अबू उसामा] बतायो है; म्हारै [हिशम] नै [आपरै पिता] सूं ['आइशा] सूं संबंधित कर'र उण कैयो; जादू में रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम...-फेर अबू कुरैब ने इब्न नुमीर री हदीस जैसी सगळी हदीस री कहाणियां बताई अर उणमें उण बतायो; फेर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कुंआ रै कनै गया अर बांनै देख्यो तो बां माथै मधुमक्खियां ही। आयशा बोली; हे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इणनै काढो। -ऐस्याह ने बतायो कोनी, थै इणनै क्यूं कोनी जलाओ-। इण हदीस मांय उण वाक्य रो जिकर भी कोनी करियो; 'मैं थानै कैयो हो कै बस इणनै गाड़ दो'।