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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Nabi-nabi Nabi Ibrahim Wasiat agar jangan mati kecuali dalam keadaan Islam adalah wasiat Nabi Ibrahim

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Wasiat agar jangan mati kecuali dalam keadaan Islam adalah wasiat Nabi Ibrahim
Imam Darimi : 3053

أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا ابْنُ عَوْنٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ أَنَّهُ أَوْصَى ذِكْرُ مَا أَوْصَى بِهِ أَوْ هَذَا ذِكْرُ مَا أَوْصَى بِهِ مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي عَمْرَةَ بَنِيهِ وَأَهْلَ بَيْتِهِ أَنْ { اتَّقُوا اللَّهَ وَأَصْلِحُوا ذَاتَ بَيْنِكُمْ وَأَطِيعُوا اللَّهَ وَرَسُولَهُ إِنْ كُنْتُمْ مُؤْمِنِينَ } وَأَوْصَاهُمْ بِمَا أَوْصَى بِهِ إِبْرَاهِيمُ بَنِيهِ وَيَعْقُوبُ { يَا بَنِيَّ إِنَّ اللَّهَ اصْطَفَى لَكُمْ الدِّينَ فَلَا تَمُوتُنَّ إِلَّا وَأَنْتُمْ مُسْلِمُونَ } وَأَوْصَاهُمْ أَنْ لَا يَرْغَبُوا أَنْ يَكُونُوا مَوَالِيَ الْأَنْصَارِ وَإِخْوَانَهُمْ فِي الدِّينِ وَأَنَّ الْعِفَّةَ وَالصِّدْقَ خَيْرٌ وَأَتْقَى مِنْ الزِّنَا وَالْكَذِبِ إِنْ حَدَثَ بِهِ حَدَثٌ فِي مَرَضِي هَذَا قَبْلَ أَنْ أُغَيِّرَ وَصِيَّتِي هَذِهِ ثُمَّ ذَكَرَ حَاجَتَهُ

हमनी के बतावल गईल बा कि [यजीद बिन हारून] [मुहम्मद बिन सिरिन] से हमनी के [इब्न 'आउन] के जानकारी देले बाड़े कि उ एक बेर वसीयत कईले रहले। निम्नलिखित बा जवन मुहम्मद बिन अबू अमरा अपना संतान आ परिवार के वसीयत भा वसीयत कइले बाड़न; -अल्लाह के प्रति समर्पित रहीं आ अपना बीच संबंध सुधारीं आ अल्लाह आ उनकर रसूलुल्लाह के बात मानीं अगर रउरा मुसलमान बानी-. तब उ ओह लोग के वसीयत बनवले जइसे पैगम्बर इब्राहिम आ याकूब के ओर से ओह लोग के लइकन के दिहल वसीयत, -हे हमार लइकन! साँचहू अल्लाह रउरा खातिर ई धर्म चुनले बाड़न एहसे जबले रउरा इस्लाम ना अपनाईं तबले मत मरी. संगही उ लोग से वादा कईले कि अंसार के सहायक होखे अवुरी धर्म में भाई बने में कवनो दिक्कत ना होई। दरअसल, व्यभिचार आ झूठ बोलला से बेहतर आ स्थायी बा आत्मसम्मान आ ईमानदारी के कायम राखल। अगर हम आपन वसीयत बदले से पहिले एह बेमारी में हमरा कुछ हो जाव त ऊ आपन इच्छा बतवले.

हदीस :

Imam Darimi : 3053, 3054