प्रतिनिधि हदीस
इमाम नसाई : 5630
أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ قَالَ حَدَّثَنَا سَعْدُ بْنُ أَوْسٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ سِيرِينَ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُ إِنَّ نُوحًا صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَازَعَهُ الشَّيْطَانُ فِي عُودِ الْكَرْمِ فَقَالَ هَذَا لِي وَقَالَ هَذَا لِي فَاصْطَلَحَا عَلَى أَنَّ لِنُوحٍ ثُلُثَهَا وَلِلشَّيْطَانِ ثُلُثَيْهَا
हमें बताया है [इस्हाक बिन इब्राहीम] उन्होंने कहा; हमें बताया है [वाकी'] उन्होंने कहा; हमें बताया है [साद बिन औस] ने [अनस बिन सिरीन] से उन्होंने कहा, "मैंने [अनस बिन मलिक] को यह कहते सुना, "शैतान और नूह (अलैहि वसल्लम) खजूर के पत्ते पर झगड़ रहे थे। शैतान ने कहा, "यह मेरा है।" और नूह ने कहा, "यह मेरा है।" फिर उन्होंने एक समझौते के साथ सुलह कर ली; कि पैगंबर नूह का हिस्सा एक तिहाई था और शैतान का हिस्सा दो तिहाई था।"