Hadith Representative
Barangsiapa yang membaca sepuluh ayat dari surat al baqarah ketika hendak tidur, maka ia tidak akan lupa Al Qur'an
Imam Darimi : 3251حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ عِيسَى عَنْ أَبِي الْأَحْوَصِ عَنْ أَبِي سِنَانٍ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ سُبَيْعٍ وَكَانَ مِنْ أَصْحَابِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ مَنْ قَرَأَ عَشْرَ آيَاتٍ مِنْ الْبَقَرَةِ عِنْدَ مَنَامِهِ لَمْ يَنْسَ الْقُرْآنَ أَرْبَعُ آيَاتٍ مِنْ أَوَّلِهَا وَآيَةُ الْكُرْسِيِّ وَآيَتَانِ بَعْدَهَا وَثَلَاثٌ مِنْ آخِرِهَا قَالَ إِسْحَقُ لَمْ يَنْسَ مَا قَدْ حَفِظَ قَالَ أَبُو مُحَمَّد مِنْهُمْ مَنْ يَقُولُ الْمُغِيرَةُ بْنُ سُمَيْعٍ
हमरा सब के [इशाक बिन ईसा] के [अबू अल अहवाश] स [अबू सिनान] स [अल मुगीरा बिन सुबाई'] स कहने छथि, ओ अब्दुल्ला के दोस्त में स एक छथि, ओ कहलनि; जे कियो सुतय काल सूरह अल बकरा के दस आयत पढ़त, ओ कुरान के नहि बिसरत। अर्थात् पत्रक प्रारंभसँ चारिटा शेर , कुर्सी छंद , तकर बाद दूटा श्लोक आ अंतिम तीनटा श्लोक। इशाक कहलकै; ओ कुरानक जे आयत रटने छथि से नहि बिसरताह । अबू मुहम्मद कहलनि; ई बात कहनिहार मे अल मुगिराह बिन सुमै' सेहो छलाह |