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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Qur'an Kitab Al-Qur’an Tiga surat yang telah diturunkan dalam taurat, injil, zabur dan Al furqan al azhim yaitu Al-Ikhlas, Al-Falaq, An-Naas

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Tiga surat yang telah diturunkan dalam taurat, injil, zabur dan Al furqan al azhim yaitu Al-Ikhlas, Al-Falaq, An-Naas
Imam Ahmad : 16696

حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا مُعَانُ بْنُ رِفَاعَةَ حَدَّثَنِي عَلِيُّ بْنُ يَزِيدَ عَنْ الْقَاسِمِ عَنْ أَبِي أُمَامَةَ الْبَاهِلِيِّ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ قَالَ لَقِيتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَابْتَدَأْتُهُ فَأَخَذْتُ بِيَدِهِ قَالَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا نَجَاةُ هَذَا الْأَمْرِ قَالَ يَا عُقْبَةُ احْرُسْ لِسَانَكَ وَلْيَسَعْكَ بَيْتُكَ وَابْكِ عَلَى خَطِيئَتِكَ قَالَ ثُمَّ لَقِيَنِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَابْتَدَأَنِي فَأَخَذَ بِيَدِي فَقَالَ يَا عُقْبَةُ بْنُ عَامِرٍ أَلَا أُعَلِّمُكَ خَيْرَ ثَلَاثِ سُوَرٍ أُنْزِلَتْ فِي التَّوْرَاةِ وَالْإِنْجِيلِ وَالزَّبُورِ وَالْفُرْقَانِ الْعَظِيمِ قَالَ قُلْتُ بَلَى جَعَلَنِي اللَّهُ فِدَاكَ قَالَ فَأَقْرَأَنِي قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ وَقُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ وَقُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ ثُمَّ قَالَ يَا عُقْبَةُ لَا تَنْسَاهُنَّ وَلَا تَبِيتَ لَيْلَةً حَتَّى تَقْرَأَهُنَّ قَالَ فَمَا نَسِيتُهُنَّ مِنْ مُنْذُ قَالَ لَا تَنْسَاهُنَّ وَمَا بِتُّ لَيْلَةً قَطُّ حَتَّى أَقْرَأَهُنَّ قَالَ عُقْبَةُ ثُمَّ لَقِيتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَابْتَدَأْتُهُ فَأَخَذْتُ بِيَدِهِ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَخْبِرْنِي بِفَوَاضِلِ الْأَعْمَالِ فَقَالَ يَا عُقْبَةُ صِلْ مَنْ قَطَعَكَ وَأَعْطِ مَنْ حَرَمَكَ وَأَعْرِضْ عَمَّنْ ظَلَمَكَ

हमरा सब के कहलक अछि [अबुल मुगिराह] हमरा सब के बता देने अछि [माआन बिन रिफाअह] हमरा [अली बिन यजीद] स [कासिम] स [अबू उमामा अल बाहिली] स [उकबाह बिन अमीर] स कहलक अछि, 'हम अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के रसूलुल्लाह स भेंट केलहुं, तखन हम हुनका नमस्कार करय लगलहुं आ हुनकर हाथ पकड़ि लेलहुं।' उकबा कहलथिन्ह - हम तखन पुछलियनि जे हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, एहि मामला के सफलता की अछि? ओ उत्तर देलनि, 'हे उकबाह, अपन जीह के पहरा राखू, अपन घर के विस्तार करू, आ अपन गलती पर कानू'। उकबाह कहलक; तखन रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा सँ भेंट केलनि, हमरा अभिवादन करय लगलाह आ हमर हाथ पकड़ि लेलनि, तखन कहलनि: 'हे उकबाह बिन अमीर, की अहाँ चाहब जे हम अहाँ केँ ओहि तीन अक्षरक गुण सिखाबी जे तोराह, सुसमाचार, जबूर आ अल फुरकान अल अजहिम मे प्रकट भेल अछि?' उकबाह कहलकै, 'हम जवाब देलियनि, 'पक्का! अल्लाह हमरा अहाँक फिरौती बनाबथि'। उकबाह कहलकै, 'तखन ओ पढ़लनि: 'कुल हुवल्लाहु अहाद' आ, 'कुल अ'उद्ज़ू बिरब्बिल फलक' आ, 'कुल अ'उद्ज़ू बिरब्बिन नास'। तकर बाद ओ कहलनि : 'हे उकबाह, एकरा नहि बिसरब आ जा धरि अहाँ एकरा नहि पढ़ब ता धरि राति नहि बिताब'। उकबाह कहलक; तेँ जहियासँ ओ कहलनि जे 'नहि बिसरब' तहियासँ हम बिसरल नहि छी । आ जाबे तक नहि पढ़लहुँ ताबे राति कहियो नहि बितेलहुँ। उकबा कहलक, तखन हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सं भेंट केलहुं, हुनका नमस्कार केलहुं आ हुनकर हाथ पकड़लहुं, तखन हम कहलियनि, हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमरा बेसी महत्वपूर्ण काज के बारे मे बताउ? तखन ओ कहलनि: हे उकबाह, जे कियो अहाँक संग अहाँक संबंध तोड़ि देत, हुनका संग अपन संबंध जारी राखू। जे अहाँ पर मना केने अछि ओकरा किछु द' दियौक, आ जे अहाँ पर अन्याय केने अछि ओकरा सँ मुँह मोड़ि दियौक'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 16696, 16810