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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Kitab-kitab Kitab Taurat Larangan mengikuti kitab taurat dan cukup Al-Qur’an setelah di utusnya Rasulullah

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Larangan mengikuti kitab taurat dan cukup Al-Qur’an setelah di utusnya Rasulullah
Imam Darimi : 436

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ عَنْ مُجَالِدٍ عَنْ عَامِرٍ عَنْ جَابِرٍ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ أَتَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِنُسْخَةٍ مِنْ التَّوْرَاةِ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ هَذِهِ نُسْخَةٌ مِنْ التَّوْرَاةِ فَسَكَتَ فَجَعَلَ يَقْرَأُ وَوَجْهُ رَسُولِ اللَّهِ يَتَغَيَّرُ فَقَالَ أَبُو بَكْرٍ ثَكِلَتْكَ الثَّوَاكِلُ مَا تَرَى مَا بِوَجْهِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَنَظَرَ عُمَرُ إِلَى وَجْهِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَعُوذُ بِاللَّهِ مِنْ غَضَبِ اللَّهِ وَغَضَبِ رَسُولِهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَضِينَا بِاللَّهِ رَبًّا وَبِالْإِسْلَامِ دِينًا وَبِمُحَمَّدٍ نَبِيًّا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالَّذِي نَفْسُ مُحَمَّدٍ بِيَدِهِ لَوْ بَدَا لَكُمْ مُوسَى فَاتَّبَعْتُمُوهُ وَتَرَكْتُمُونِي لَضَلَلْتُمْ عَنْ سَوَاءِ السَّبِيلِ وَلَوْ كَانَ حَيًّا وَأَدْرَكَ نُبُوَّتِي لَاتَّبَعَنِي

हमनी के खबर आईल कि [मुहम्मद बिन अल आला`] हमनी के [इब्नु नुमैर] के [मुजलिद] से [अमीर] से [जाबिर] से बतवले रहले, कि उमर बिन अल खट्ठाब एक बेर रसुलुल्लाह सल्लाह अलैहि व सल्लम के देखे खातिर तोराह के नकल लेके आईल रहले, फिर उ कहले रहले: 'हे रसुलुल्लाह सल्लाह अलैहि व सल्लम?! नबी चुप्पी के अलावा उनकरा के नमस्कार ना कइलन, उमर -तोराह- पढ़लस आ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चेहरा बदलत लउकल, फिर अबू बकर कहले: 'TSAKILATKATTshallahu 'alaihi wasallamAAKUL, का रउवा रसुलुल्लाह सल्लाह अलैहि वसल्लम के चेहरा में बदलाव ना देखनी? जब उमर अल्लाह के रसूलुल्लाह (स.अ.व.) के चेहरा प बदलाव देखले त उ कहले कि, 'हम अल्लाह सुब्हानल्लाहु व तआला के गुस्सा अवुरी उनुका रसूलुल्लाह के गुस्सा से अल्लाह सुब्हानल्लाहु व तआला से शरण लेतानी, हमनी के अल्लाह सुबहनल्लाहु व तआला के भगवान अवुरी इस्लाम के धर्म के रूप में, अवुरी मुहम्मद से नबी के रूप में खुश बानी'। तब अल्लाह के रसूलुल्लाह (स.अ.व.) कहले कि, 'ओह आदमी के कसम, जेकरा हाथ में मुहम्मद के आत्मा बा, अगर मूसा आपके बीच में रहित अवुरी आप उनुका पीछे-पीछे चल गईल रहती अवुरी हमरा के छोड़ देती, त आप सीधा रास्ता से जरूर भटक जाईत, अवुरी जदी उ - पैगम्बर मूसा (स.अ.व.) - अभी भी जिंदा रहते, अवुरी उनुका हमार नबी के रूप मिलता, त उ निश्चित रूप से हमरा के फॉलो करीं' '।

हदीस :

Imam Ahmad : 15303, 17613
Imam Darimi : 436