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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम मलिक : 430

و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ نَافِعٍ مَوْلَى ابْنِ عُمَرَ أَنَّ رَجُلًا مِنْ أَهْلِ مِصْرَ أَخْبَرَهُ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِقَرَأَ سُورَةَ الْحَجِّ فَسَجَدَ فِيهَا سَجْدَتَيْنِ ثُمَّ قَالَ إِنَّ هَذِهِ السُّورَةَ فُضِّلَتْ بِسَجْدَتَيْنِ

मुझे इब्न उमर के पुराने गुलाम मलिक [नफी] से यह बात याद आई कि मिस्र के एक आदमी ने उन्हें बताया कि [उमर बिन खत्ताब] ने सूरत अल हज पढ़ी, फिर उसके लिए दो बार सजदा किया। फिर उन्होंने कहा, "यह सूरह दो सजदों से पहचानी जाती है।"

समर्थक हदीस :

इमाम मलिक : 430, 431