Hadith Representative
Sujud tilawah bersama rasulullah saat membaca surat as-sajdah hingga penuh sesak
Imam Bukhari : 1013حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنِي نَافِعٌ عَنْ ابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقْرَأُ عَلَيْنَا السُّورَةَ فِيهَا السَّجْدَةُ فَيَسْجُدُ وَنَسْجُدُ حَتَّى مَا يَجِدُ أَحَدُنَا مَوْضِعَ جَبْهَتِهِ
साडे कोल रिवायत कीती है [मुसद्दद] ने आख्या, साडे कोल रिवायत कीती है [याह्या] ने सानु रिवायत कीती है ['उबैदुल्लाह] ने आख्या, मेरे कोल [नाफी'] ने [इब्न उमर रदलियाहु 'अनहुमा] तों रिवायत कीती है; 'नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इक वारी साडे कोल इक चिट्ठी पढ़ी सी जिस विच नमाज दी गलीचा आयत सी। फिर सजदा कर दी। फिरी असीं झुक गए, जद तक साडे विचों इक नू मत्थे रखन दी जगह नहीं मिली।'