Hadith Representative
Rasulullah mengendarai kendaraannya beliau bertakbir tiga kali kemudian berdoa: SUBHANALLADZI SAKHKHARA LANA HADZA ...
Imam Tirmidzi : 3368حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ عَلِيِّ بْنِ رَبِيعَةَ قَالَشَهِدْتُ عَلِيًّا أُتِيَ بِدَابَّةٍ لِيَرْكَبَهَا فَلَمَّا وَضَعَ رِجْلَهُ فِي الرِّكَابِ قَالَ بِسْمِ اللَّهِ ثَلَاثًا فَلَمَّا اسْتَوَى عَلَى ظَهْرِهَا قَالَ الْحَمْدُ لِلَّهِ ثُمَّ قَالَ{ سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ وَإِنَّا إِلَى رَبِّنَا لَمُنْقَلِبُونَ }ثُمَّ قَالَ الْحَمْدُ لِلَّهِ ثَلَاثًا وَاللَّهُ أَكْبَرُ ثَلَاثًا سُبْحَانَكَ إِنِّي قَدْ ظَلَمْتُ نَفْسِي فَاغْفِرْ لِي فَإِنَّهُ لَا يَغْفِرُ الذُّنُوبَ إِلَّا أَنْتَ ثُمَّ ضَحِكَ قُلْتُ مِنْ أَيِّ شَيْءٍ ضَحِكْتَ يَا أَمِيرَ الْمُؤْمِنِينَ قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ صَنَعَ كَمَا صَنَعْتُ ثُمَّ ضَحِكَ فَقُلْتُ مِنْ أَيِّ شَيْءٍ ضَحِكْتَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ إِنَّ رَبَّكَ لَيَعْجَبُ مِنْ عَبْدِهِ إِذَا قَالَ رَبِّ اغْفِرْ لِي ذُنُوبِي إِنَّهُ لَا يَغْفِرُ الذُّنُوبَ غَيْرُكَوَفِي الْبَاب عَنْ ابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
कुतैबाह हमरा सब सं अली बिन रबियाह सं अबू इशाक सं संबंधित केलनि, ओ कहलनि; हम देखलहुं जे अली के सवारी करय लेल एकटा जानवर देल गेल छल, फेर जखन ओ अपन पैर स्टिरप मे राखि देलक त ओ कहलनि; बिस्मिल्लाह तीन बेर, आ जखन ओ पीठ पर बैसल छलाह तखन ओ कहलनि; अल हमदुलिल्लाह, तखन ओ कहलनि; सुभानल्लदज़ी सखखरा लना हज्जा वा माँ कुन्ना लहु मुकरीनिन, वा इन्ना इला रब्बीना लमुनकलिबुन -महिमा ओहि जानवर के हो जे एहि जानवर के हमरा सब के अधीन केने छथि, आ हम सब एकरा जबरदस्ती नै क सकैत छी, आ अपन प्रभु के पास हम सब अवश्य वापस आबि जायब-। तखन ओ कहलनि; अल हमदुलिल्लाह तीन बेर, वल्लाहु अकबर तीन बेर, सुभानका इन्नी कद झालमतु नफसी फगफीर लिआई, फैन्नाहु ला यगफिरुद्ज द्ज़ुनूबा इलाआ अंता - महिमा अहाँक हो, सचमुच हम अपना पर अन्याय केने छी तेँ हमरा क्षमा करू। कारण सच मे अहाँ के छोड़ि कियो पाप क्षमा नहि क' सकैत अछि-. तखन ओ हँसि पड़लाह। हम कहैत छी; कारण हँसि रहल छी हे अमीरुल मु'मिनिन? ओ कहलनि; हम देखलहुँ जे रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु वअलैहि वसलम हम जे केलहुँ से करैत छलाह तखन ओ हँसलाह आ हम कहलियनि; कारण, हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, अहाँ हँसि रहल छी? ओ कहलनि: 'सत्ते, अहाँक प्रभु अपन सेवक पर आश्चर्यचकित भ' गेलाह जखन ओ कहलनि; हे अल्लाह, हमर पाप माफ करू, कारण सचमुच अहाँ के छोड़ि कियो पाप माफ नहि करैत अछि'। एहि अध्याय मे इब्न उमर स एकटा इतिहास अछि, अल्लाह हुनका स प्रसन्न होथि। अबू ईसा कहलनि; ई हदीस हसन सहीह हदीस अछि।