हदीस
Doa menjelang tidur: ALLAAHUMMA BISMIKA AHYAA WA BISMIKA AMUUTU
Imam Abu Dawud : 4390حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ عَنْ رِبْعِيٍّ عَنْ حُذَيْفَةَ قَالَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا نَامَ قَالَ اللَّهُمَّ بِاسْمِكَ أَحْيَا وَأَمُوتُ وَإِذَا اسْتَيْقَظَ قَالَ الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَحْيَانَا بَعْدَمَا أَمَاتَنَا وَإِلَيْهِ النُّشُورُ
हमनी के बतवले बाड़े [अबू बकर बिन अबू स्याइबा] कहले बाड़े, बता देले बाड़े [वाकी'] से [सुफयान] से [अब्दुल मलिक बिन उमैर] से [रिब'ई] से [हुदजाइफा] से उ कहले कि, 'जब नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सुते के चाहत रहले त उ पढ़ले रहले: 'अल्लाहम्मा बिस्मिका अह्या वा अमूत -हे अल्लाह, आपके।' नाम हम जियत बानी आ मरत बानी-'। आ जब ऊ जागलन त पढ़लन: 'अल हमदुलिल्लाहिलादज़ी अह्या ना ब'दमा अमातना वा इलैहिन नुस्यूर -अल्लाह के स्तुति होखे जे हमनी के मरला के बाद जान देले बाड़न, आ उनुका लगे हमनी के लवटब जा-'।