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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Dzikir & Doa Dzikir umum setiap shalat wajib selain pagi hari Tasbih, Tahmid, dan Takbir masing-masing 33 kali setelah shalat wajib ditutup dengan, LAA ILAHA ILLALLAHU WAHDAHU LAA SYARIIKALAH ...

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Tasbih, Tahmid, dan Takbir masing-masing 33 kali setelah shalat wajib ditutup dengan, LAA ILAHA ILLALLAHU WAHDAHU LAA SYARIIKALAH ...
Imam Abu Dawud : 4403

حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ ح حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ شُعْبَةَ الْمَعْنَى عَنْ الْحَكَمِ عَنْ ابْنِ أَبِي لَيْلَى قَالَ مُسَدَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا عَلِيٌّ قَالَشَكَتْ فَاطِمَةُ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا تَلْقَى فِي يَدِهَا مِنْ الرَّحَى فَأُتِيَ بِسَبْيٍ فَأَتَتْهُ تَسْأَلُهُ فَلَمْ تَرَهُ فَأَخْبَرَتْ بِذَلِكَ عَائِشَةَ فَلَمَّا جَاءَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَخْبَرَتْهُ فَأَتَانَا وَقَدْ أَخَذْنَا مَضَاجِعَنَا فَذَهَبْنَا لِنَقُومَ فَقَالَ عَلَى مَكَانِكُمَا فَجَاءَ فَقَعَدَ بَيْنَنَا حَتَّى وَجَدْتُ بَرْدَ قَدَمَيْهِ عَلَى صَدْرِي فَقَالَ أَلَا أَدُلُّكُمَا عَلَى خَيْرٍ مِمَّا سَأَلْتُمَا إِذَا أَخَذْتُمَا مَضَاجِعَكُمَا فَسَبِّحَا ثَلَاثًا وَثَلَاثِينَ وَاحْمَدَا ثَلَاثًا وَثَلَاثِينَ وَكَبِّرَا أَرْبَعًا وَثَلَاثِينَ فَهُوَ خَيْرٌ لَكُمَا مِنْ خَادِمٍحَدَّثَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ هِشَامٍ الْيَشْكُرِيُّ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ عَنْ الْجُرَيْرِيِّ عَنْ أَبِي الْوَرْدِ بْنِ ثُمَامَةَ قَالَ قَالَ عَلِيٌّ لِابْنِ أَعْبُدَ أَلَا أُحَدِّثُكَ عَنِّي وَعَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَكَانَتْ أَحَبَّ أَهْلِهِ إِلَيْهِ وَكَانَتْ عِنْدِي فَجَرَّتْ بِالرَّحَى حَتَّى أَثَّرَتْ بِيَدِهَا وَاسْتَقَتْ بِالْقِرْبَةِ حَتَّى أَثَّرَتْ فِي نَحْرِهَا وَقَمَّتْ الْبَيْتَ حَتَّى اغْبَرَّتْ ثِيَابُهَا وَأَوْقَدَتْ الْقِدْرَ حَتَّى دَكِنَتْ ثِيَابُهَا وَأَصَابَهَا مِنْ ذَلِكَ ضُرٌّ فَسَمِعْنَا أَنَّ رَقِيقًا أُتِيَ بِهِمْ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْتُ لَوْ أَتَيْتِ أَبَاكِ فَسَأَلْتِيهِ خَادِمًا يَكْفِيكِ فَأَتَتْهُ فَوَجَدَتْ عِنْدَهُ حُدَّاثًا فَاسْتَحْيَتْ فَرَجَعَتْ فَغَدَا عَلَيْنَا وَنَحْنُ فِي لِفَاعِنَا فَجَلَسَ عِنْدَ رَأْسِهَا فَأَدْخَلَتْ رَأْسَهَا فِي اللِّفَاعِ حَيَاءً مِنْ أَبِيهَا فَقَالَ مَا كَانَ حَاجَتُكِ أَمْسِ إِلَى آلِ مُحَمَّدٍ فَسَكَتَتْ مَرَّتَيْنِ فَقُلْتُ أَنَا وَاللَّهِ أُحَدِّثُكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ هَذِهِ جَرَّتْ عِنْدِي بِالرَّحَى حَتَّى أَثَّرَتْ فِي يَدِهَا وَاسْتَقَتْ بِالْقِرْبَةِ حَتَّى أَثَّرَتْ فِي نَحْرِهَا وَكَسَحَتْ الْبَيْتَ حَتَّى اغْبَرَّتْ ثِيَابُهَا وَأَوْقَدَتْ الْقِدْرَ حَتَّى دَكِنَتْ ثِيَابُهَا وَبَلَغَنَا أَنَّهُ قَدْ أَتَاكَ رَقِيقٌ أَوْ خَدَمٌ فَقُلْتُ لَهَا سَلِيهِ خَادِمًا فَذَكَرَ مَعْنَى حَدِيثِ الْحَكَمِ وَأَتَمَّ حَدَّثَنَا عَبَّاسٌ الْعَنْبَرِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ عَمْرٍو حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ عَنْ يَزِيدَ بْنِ الْهَادِ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ كَعْبٍ الْقُرَظِيِّ عَنْ شَبَثِ بْنِ رِبْعِيٍّ عَنْ عَلِيٍّ عَلَيْهِ السَّلَام عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِهَذَا الْخَبَرِ قَالَ فِيهِ قَالَ عَلِيٌّ فَمَا تَرَكْتُهُنَّ مُنْذُ سَمِعْتُهُنَّ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَّا لَيْلَةَ صِفِّينَ فَإِنِّي ذَكَرْتُهَا مِنْ آخِرِ اللَّيْلِ فَقُلْتُهَا

हमरा सभकेँ कहलक अछि [हफश बिन उमर] कहलक अछि, हमरा सभकेँ [स्यूबाह] कहलक अछि। -एकटा दोसर तरहेँ एकर उल्लेख अछि- हमरा सभकेँ [मुसद्दद] कहलक अछि, अर्थमे [स्यूबाह]सँ [अल हकम]सँ [इब्न अबू लैला] कहलक [अल हकम]सँ कहलक अछि; [मुसद्दद] कहलनि; हमरा सब [अली] के कहलक अछि जे ओ कहलीह जे फातिमा नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स हुनकर हाथ खरोंचबाक शिकायत केलथि। एक बेर एकटा कैदी हुनका लग आनल गेल त फातिमा हुनका लग आबि गेलीह जे एकटा कैदी के गुलाम के रूप मे मांगि लेलक, मुदा ओकरा नहि भेटलैक। अंततः ओ एहि आग्रह केँ ‘ऐस्याह’ धरि पहुँचा देलनि । जखन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एलाह तखन आइशा हुनका ई बात पहुँचा देलनि। अंततः ओ आ 'ऐस्याह हमरा सभ केँ देखय लेल आबि गेलाह जे ओहि समय पहिने सँ सुतल छलहुँ । तेँ हम सभ उठलहुँ, मुदा ओ कहलनि: 'जतय छी ओतय रहू'। ओ आबि क' हमरा सभक बीच बैसि गेलाह, जाहि सँ हुनकर पैरक ठंढा तलवा हमरा छाती पर महसूस भ' रहल छल. तखन ओ कहलनि: 'की हम अहाँ केँ जे माँगैत छी ताहि सँ बेसी कीमती किछु देखाबी? जँ सुतय जा रहल छी तखन तेतीस तसबीह, तेतीस तहमीद आ चौंतीस तकबीर पढ़ू। तखन अहाँक लेल गुलाम सँ नीक होयत'। हमरा सब के कहलक अछि [मुअम्मल बिन हिस्यम अल यसिकुरी] कहलनि, हमरा सब के [इस्माइल बिन इब्राहिम] के [अल जुरैरी] स [अबू अल वार्ड बिन त्सुमामा] स कहलक अछि ओ कहलनि; [अली] इब्न अबूद स कहलथिन, ‘की अहाँ के कोनो दिक्कत होयत जे हम हमरा स आ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बेटी फातिमा स कोनो हदीस पहुंचाबी? फातिमा हुनकर प्रिय बच्चा छलीह, आ ओ हमर पत्नी बनि गेलीह। रोलिंग पिनसँ चीजकेँ ताबत धरि कुटैत छलीह जाबत धरि हाथ पर कोनो निशान नहि छोड़ैत छलनि, कलशसँ पानि लैत छलीह जा धरि गरदनि पर निशान नहि छोड़ैत छलनि, घरमे ता धरि झाड़ू लगा लैत छलीह जा धरि हुनकर कपड़ा गंदा नहि भ' जाइत छलनि, घैलसँ ताबत धरि भानस करैत छलीह जाबत धरि हुनकर कपड़ा कारी नहि भ' जाइत छलनि, जाबत धरि ओ थकित नहि भ' जाइत छलीह. तखन सुनलहुँ जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के एकटा बंदी गुलाम आबि रहल छलनि। तेँ हम फातिमा केँ कहलियनि जे जँ अहाँ अपन पिता लग जा क' दास माँगब त' अहाँक मददि लेल काफी होयत।' अस्तु, ओ हुनका लग गेलीह, मुदा ओहि समय मे नबी के आसपास बहुत रास नव इस्लाम धर्म परिवर्तन करय वाला लोक छलाह आ एहि सं हुनका शर्मिंदगी भेलनि, तें ओ घर वापस चलि गेलीह. दोसर दिन ओ हमरा सब लग आबि गेलाह जखन हम सब कम्बल के नीचा छलहुं। तखन ओ फातिमाक बगल मे बैसि गेलाह, मुदा फातिमा अपन पिता - अल्लाहक रसूलुल्लाह -क सोझाँ शर्मिंदा हेबाक कारणेँ अपन माथ कम्बलक नीचाँ राखि देलनि । अंत मे ओ कहलनि: 'काल्हि जखन अहाँ मुहम्मदक परिवार मे आयल रही तखन अहाँ केँ की चाही छल?' फातिमा चुप भ’ गेलीह। दू बेर ई बात दोहरौलनि। तेँ हम कहलियनि जे हे अल्लाह केर रसूलुल्लाह हम अहाँ केँ कहब। असल मे हमरा बगल मे फातिमा सदिखन ग्राइंडर सँ ताबत धरि कुटि रहल छलीह जाबत धरि हाथ पर निशान नहि छोड़ि दैत छलनि, सदिखन गेरिबा सँ पानि लैत छलीह जाबत धरि हुनकर गरदनिक पाछाँ पर निशान नहि छोड़ैत छलनि, सदिखन घर मे झाड़ैत रहैत छलीह जाबत धरि हुनकर कपड़ा धूल सँ गंदा नहि भ' जाइत छलनि आ सदिखन घैल सँ ता धरि पकाबैत छलीह जा धरि हुनकर कपड़ा कारी नहि भ' जाइत छलनि. तखन हमरा सभ लग खबरि आयल जे अहाँक कोनो गुलाम वा नोकर आबि रहल अछि, तेँ हम हुनका कहलियनि, 'नबी सँ नौकर माँगू'। तखन ओ अल हकम हदीसक अर्थ बतौलनि आ ओकरा सिद्ध केलनि। हमरा सब के कहलक अछि [अब्बास अल अनबरी] कहलक अछि, हमरा सब के बता देलक अछि [अब्दुल मलिक बिन अमरू] कहलक अछि, हमरा सब के बता देलक अछि [अब्दुल अजीज बिन मुहम्मद] स [यजीद बिन अल हद] स [मुहम्मद बिन कब अल कुराजी] स [स्याबत बिन रिबई] स [अली अलैहिस्सलम] स नबी सल्लल्लाहु अलैहिस्लम स वैह हदीस के तरह। एहि मे कथावाचक उल्लेख करैत छथि, अली कहलनि, "जखन सँ हम एकरा रसूलुल्लाह (स.अ.व.) सँ सुनने छी, हम एकरा कहियो नहि छोड़ने छी, सिवाय सिफिन के लड़ाई के राति के, जखन राति के अंत मे हम एकरा याद केलहुं आ पढ़लहुं।"

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 702, 1085, 1185, 6616, 6945, 8478, 9878, 20617, 20672, 25340
Imam Bukhari : 798, 2881, 3429, 4942, 4943, 5843
Imam Muslim : 936, 937, 938, 939, 4906, 4907
Imam Abu Dawud : 1286, 2594, 2595, 4403
Imam Tirmidzi : 375, 3330, 3332, 3334, 3335
Imam Nasa'i : 1332, 1333, 1334, 1336, 1337
Imam Ibnu Majah : 917
Imam Malik : 439
Imam Darimi : 1320