इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Dzikir & Doa Dzikir umum setiap shalat wajib selain pagi hari Membaca: ALLAAHUMMA A'INNII 'ALAA DZIKRIKA WA SYUKRIKA WA HUSNI 'IBAADATIK'

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Membaca: ALLAAHUMMA A'INNII 'ALAA DZIKRIKA WA SYUKRIKA WA HUSNI 'IBAADATIK'
Imam Abu Dawud : 1301

حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ بْنِ مَيْسَرَةَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ الْمُقْرِئُ حَدَّثَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ قَالَ سَمِعْتُ عُقْبَةَ بْنَ مُسْلِمٍ يَقُولُ حَدَّثَنِي أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُبُلِيُّ عَنْ الصُّنَابِحِيِّ عَنْ مُعَاذِ بْنِ جَبَلٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَخَذَ بِيَدِهِ وَقَالَ يَا مُعَاذُ وَاللَّهِ إِنِّي لَأُحِبُّكَ وَاللَّهِ إِنِّي لَأُحِبُّكَ فَقَالَ أُوصِيكَ يَا مُعَاذُ لَا تَدَعَنَّ فِي دُبُرِ كُلِّ صَلَاةٍ تَقُولُ اللَّهُمَّ أَعِنِّي عَلَى ذِكْرِكَ وَشُكْرِكَ وَحُسْنِ عِبَادَتِكَوَأَوْصَى بِذَلِكَ مُعَاذٌ الصُّنَابِحِيَّ وَأَوْصَى بِهِ الصُّنَابِحِيُّ أَبَا عَبْدِ الرَّحْمَنِ

हमनी के बतवले बाड़े ['उबैदुल्लाह बिन उमर बिन मैसाराह] हमनी के [अब्दुल्लाह बिन यजीद अल मुकरी`] से कहले बाड़े, हमनी के [हैवा बिन स्यूरैह] से कहले बाड़े, उ कहले; हम सुनले बानी कि ['उकबाह बिन मुस्लिम] कहत बाड़े; हमरा के [अबू अब्दुररहमान अल हुबुली] [अश शुनाबीही] से [मुअदज बिन जबल] से बतवले बाड़े कि अल्लाह के रसूलुल्लाह अल्लाहु वअलैहि वसलम उनुकर हाथ पकड़ के कहले रहले कि: 'हे मुअदज, अल्लाह के कसम, हम तोहरा से प्यार करतानी'। तब उ कहले: 'हम तोहरा से वसीयत करतानी, हे मुअदज, हर नमाज के छोड़ के इ ना कहब कि 'अल्लाहुम्मा अ'इन्नी 'आला जिक्रिका वा स्युक्रिका वा हुस्नी 'इबादतिक' -हे अल्लाह, हमरा के ज़िकर करे में मदद करीं अवुरी आपके धन्यवाद अवुरी आपके बढ़िया से इबादत करीं।- मुअदज इ बात ऐश शुनाबीही अवुरी अश शुनाबी के वसीयत कईले अब्दुररहमान के दिहल गइल.

हदीस :