हदीस
Membaca 100x LAA ILAHA ILLALLAHU WAHDAHU LAA SYARIIKALAH LAHUL MULKU WA LAHUL HAMDU WA HUWA ALAA KULII SYAI'IN QADIIR
Imam Tirmidzi : 3390حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ مُوسَى الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ حَدَّثَنَا مَالِكٌ عَنْ سُمَيٍّ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ قَالَ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ يُحْيِي وَيُمِيتُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ فِي يَوْمٍ مِائَةَ مَرَّةٍ كَانَ لَهُ عِدْلُ عَشْرِ رِقَابٍ وَكُتِبَتْ لَهُ مِائَةُ حَسَنَةٍ وَمُحِيَتْ عَنْهُ مِائَةُ سَيِّئَةٍ وَكَانَ لَهُ حِرْزًا مِنْ الشَّيْطَانِ يَوْمَهُ ذَلِكَ حَتَّى يُمْسِيَ وَلَمْ يَأْتِ أَحَدٌ بِأَفْضَلَ مِمَّا جَاءَ بِهِ إِلَّا أَحَدٌ عَمِلَ أَكْثَرَ مِنْ ذَلِكَوَبِهَذَا الْإِسْنَادِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ قَالَ سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ مِائَةَ مَرَّةٍ حُطَّتْ خَطَايَاهُ وَإِنْ كَانَتْ أَكْثَرَ مِنْ زَبَدِ الْبَحْرِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमनी के बतवले बाड़े [इशाक बिन मूसा अल अंसारी] हमनी के बतवले बाड़े [मा'न] हमनी के [मलिक] से [सुमाय्य] से [अबू सालिह] से [अबू हुरैरा] से बतवले बाड़े कि अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु वअलैहि व सल्लम कहले रहले कि: 'जे कहता; ला इलाहा इल्लाह इल्लाह वाहदहु ला स्यारीका लाह, लाहुल मुलकु वा लहुल हमदू युहिई वा युमितु वा हुवा 'आला कुल्ली स्याई-इन कादीर -अकेले अल्लाह के छोड़ के इबाद के लायक कवनो देवता नइखे, उनकर कवनो साथी नइखे, उनकरा खातिर सब राज्य बा आ उनकर सब तारीफ बा, उहे हवें जे... जीवन देला आ मौत के कारण बन जाला, आ ऊ सब कुछ करे में सक्षम बा - एक दिन में सौ गुना, एहसे ओकरा खातिर ई दस गो गुलाम के मुक्त कइल नियर बा, आ ओकरा खातिर सौ नीमन काम दर्ज कइल गइल आ ओकरा से सौ गलती हटा दिहल गइल, आ ओकरा के ओह दिन शैतान से सुरक्षित राखल गइल जबले साँझ ना हो गइल, ऊ जवन ले आइल रहे ओकरा से बढ़िया केहू ना ले आइल सिवाय केहू के जे एकरा से अधिका काम कइले रहे'। आ एह सनाद के साथे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से रिवायत बा कि ऊ कहले बाड़न; 'जे कहत बा; सुभानल्लाही वा बिहमदीही - अल्लाह के महिमा होखे, आ उनकर स्तुति कइला से हम- सौ गुना तब उनकर पाप माफ हो जाला भले ऊ समुंदर के झाग से अधिका होखे'। अबू ईसा कहले कि; ई हदीस हसन सहीह हदीस ह।