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Larangan membaca Al-Qur'an saat ruku' dan sujud, serta anjuran memperbanyak doa dalam sujud
Imam Nasa'i : 1035أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ سُحَيْمٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَعْبَدِ بْنِ عَبَّاسٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَكَشَفَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ السِّتَارَةَ وَالنَّاسُ صُفُوفٌ خَلْفَ أَبِي بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَقَالَ أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّهُ لَمْ يَبْقَ مِنْ مُبَشِّرَاتِ النُّبُوَّةِ إِلَّا الرُّؤْيَا الصَّالِحَةُ يَرَاهَا الْمُسْلِمُ أَوْ تُرَى لَهُ ثُمَّ قَالَ أَلَا إِنِّي نُهِيتُ أَنْ أَقْرَأَ رَاكِعًا أَوْ سَاجِدًا فَأَمَّا الرُّكُوعُ فَعَظِّمُوا فِيهِ الرَّبَّ وَأَمَّا السُّجُودُ فَاجْتَهِدُوا فِي الدُّعَاءِ قَمِنٌ أَنْ يُسْتَجَابَ لَكُمْ
हमरा सभ [कुतैबा बिन सईद] केँ सूचित कए ओ कहलनि; हमरा सभ केँ [सुफयान] केँ [सुलेमान बिन सुहैम] सँ [इब्राहिम बिन अब्दुल्लाह बिन मा'बाद बिन अब्बास] सँ [अपन पिता] सँ [इब्न अब्बास] सँ कहलक अछि; 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बेर पर्दा खोललनि, जखन कि लोक अबू बकर रदलियाहुअनहु के पाछु नमाज पढ़ि रहल छल, तखन ओ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'हे लोक सभ, सच्चा सपना के अलावा आओर कोनो पैगम्बरी खबर नहिं बचल अछि, अर्थात सपना जे मुसलमान के देखल जाइत अछि या देखाओल जाइत अछि'। तखन ओ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आगू कहलनि: 'जानू जे हमरा प्रणाम या सजदा करैत काल पढ़ब मना अछि, जेना कि प्रणाम करबाक त' अपन रब्ब के महिमामंडन करू आ सजदा करबा काल नमाज मे गंभीर रहू, कारण ओहि समय बहुत संभावना अछि जे अहाँक नमाज के जवाब भेटत''।