प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 709
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ قَالَ حَدَّثَنَا أَشْعَثُ بْنُ سُلَيْمٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ مَسْرُوقٍ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْسَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الِالْتِفَاتِ فِي الصَّلَاةِ فَقَالَ هُوَ اخْتِلَاسٌ يَخْتَلِسُهُ الشَّيْطَانُ مِنْ صَلَاةِ الْعَبْدِ
हमसे रिवायत है कि [मुसद्दद] ने कहा, हमसे रिवायत है कि [अबू अल अहवाश] ने कहा, हमसे रिवायत है कि [अश'थ बिन सुलेमान] ने [अपने पिता] से [मसरुक] से ['आयशा] ने कहा, "मैंने रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से नमाज़ में सिर घुमाने के बारे में पूछा।" तो उन्होंने कहा: "यह शैतान द्वारा मेरी नमाज़ पर किया गया एक बहुत तेज़ हमला था।"