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Larangan mengimami shalat dengan bacaan surat yang panjang supaya tidak terjadi fitnah
Imam Nasa'i : 822أَخْبَرَنَا وَاصِلُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ فُضَيْلٍ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ مُحَارِبِ بْنِ دِثَارٍ وَأَبِي صَالِحٍ عَنْ جَابِرٍ قَالَجَاءَ رَجُلٌ مِنْ الْأَنْصَارِ وَقَدْ أُقِيمَتْ الصَّلَاةُ فَدَخَلَ الْمَسْجِدَ فَصَلَّى خَلْفَ مُعَاذٍ فَطَوَّلَ بِهِمْ فَانْصَرَفَ الرَّجُلُ فَصَلَّى فِي نَاحِيَةِ الْمَسْجِدِ ثُمَّ انْطَلَقَ فَلَمَّا قَضَى مُعَاذٌ الصَّلَاةَ قِيلَ لَهُ إِنَّ فُلَانًا فَعَلَ كَذَا وَكَذَا فَقَالَ مُعَاذٌ لَئِنْ أَصْبَحْتُ لَأَذْكُرَنَّ ذَلِكَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَى مُعَاذٌ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ ذَلِكَ لَهُ فَأَرْسَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَيْهِ فَقَالَ مَا حَمَلَكَ عَلَى الَّذِي صَنَعْتَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ عَمِلْتُ عَلَى نَاضِحِي مِنْ النَّهَارِ فَجِئْتُ وَقَدْ أُقِيمَتْ الصَّلَاةُ فَدَخَلْتُ الْمَسْجِدَ فَدَخَلْتُ مَعَهُ فِي الصَّلَاةِ فَقَرَأَ سُورَةَ كَذَا وَكَذَا فَطَوَّلَ فَانْصَرَفْتُ فَصَلَّيْتُ فِي نَاحِيَةِ الْمَسْجِدِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَفَتَّانٌ يَا مُعَاذُ أَفَتَّانٌ يَا مُعَاذُ أَفَتَّانٌ يَا مُعَاذُ
हमरा सब [वशिल बिन अब्दुल अ'ला] के जानकारी द क ओ कहलनि; हमरा सभकेँ [इब्नु फुदैल] [अल अ'मासी] सँ [मुहरीब बिन दित्सर] सँ आ [अबू सालिह] केँ [जाबीर] सँ कहने छथि ओ कहलनि; 'एकटा अंसार आदमी आबि गेल, आ नमाज इकमाह कहल गेल।' तखन ओ मस्जिद मे घुसि गेलाह आ मुअ'द्जक पाछू नमाज पढ़लनि। ओ जमात के संग अपन नमाज लम्बा केलक, ताहि लेल ओ आदमी जमात स बाहर निकलि मस्जिद के एक कोन में नमाज पढ़लक फेर चलि गेल। मुआ'द्ज के नमाज समाप्त केलाक बाद हुनका कहल गेलैन, 'फल्लाँ फल्लाँ केलकै'। तखन मुअदज कहलथिन्ह - काल्हि भोरे हम ई बात रसुलुल्लाह सल्लल्लाहुअलिहिवासल्लम केँ कहबनि। त मुअअद्ज तुरंत नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आबि गेलाह आ हुनका एहि बारे मे बतौलनि। रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तखन ककरो हुनका लग पठौलनि -ओकरा बजाबय लेल-, तखन ओ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका सँ पुछलनि, ' 'अहाँ केँ एहन करबाक लेल की प्रेरित केलक? ' ओ उत्तर देलनि। 'हे रसुलुल्लाह शल्लल्लाहुअलिहिवसल्लम, हम दिन मे मेहनत करैत छी आ नमाज इकामा कहला पर अबैत छी।' तखन हम तुरन्त मस्जिद मे घुसि हुनका संग नमाज पढ़लनि, आ ओ ई चिट्ठी आ ओ चिट्ठी पढ़ि लेलनि। ओ अपन नमाज मे देरी केलनि, तें हम बाहर निकलि मस्जिदक कोन मे नमाज पढ़लहुं।' तखन रसूलुल्लाह सल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलखिन जे हे मुअदज, की अहाँ एहन व्यक्ति बनय चाहैत छी जे निंदा करय? हे मुआ 'द्ज, की अहाँ निंदा करय बला बनय चाहैत छी? हे मुआ 'द्ज, की अहाँ निंदा करय बला बनय चाहैत छी?