प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 390
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ عَنْ حُمَيْدٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَأَى نُخَامَةً فِي الْقِبْلَةِ فَشَقَّ ذَلِكَ عَلَيْهِ حَتَّى رُئِيَ فِي وَجْهِهِ فَقَامَ فَحَكَّهُ بِيَدِهِ فَقَالَ إِنَّ أَحَدَكُمْ إِذَا قَامَ فِي صَلَاتِهِ فَإِنَّهُ يُنَاجِي رَبَّهُ أَوْ إِنَّ رَبَّهُ بَيْنَهُ وَبَيْنَ الْقِبْلَةِ فَلَا يَبْزُقَنَّ أَحَدُكُمْ قِبَلَ قِبْلَتِهِ وَلَكِنْ عَنْ يَسَارِهِ أَوْ تَحْتَ قَدَمَيْهِ ثُمَّ أَخَذَ طَرَفَ رِدَائِهِ فَبَصَقَ فِيهِ ثُمَّ رَدَّ بَعْضَهُ عَلَى بَعْضٍ فَقَالَ أَوْ يَفْعَلُ هَكَذَا
हमें [कुतैबा] ने बताया है, हमें [इस्माईल बिन जाफ़र] ने [हुमैद] से [अनस बिन मलिक] से बताया है कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने देखा कि क़िबला की दीवार पर बलगम है, तो उन्हें गुस्सा आया जब तक कि वह उनके चेहरे पर नहीं आ गया। फिर उन्होंने उसे अपने हाथों से रगड़ा और कहा: "अगर तुम में से कोई नमाज़ में खड़ा हो और अपने रब की तरफ़ मुँह करके खड़ा हो, या उसका रब उसके और क़िबला के बीच हो, तो क़िबला की तरफ़ न थूको, बल्कि उसके बाईं ओर या उसके (बाएं) पैरों के नीचे थूको।" फिर पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कपड़े का किनारा पकड़ा और उसमें थूका, उसके बाद उन्होंने कपड़े की जगह पलट दी और कहा, या उन्होंने ऐसा किया।"
समर्थक हदीस :
इमाम अहमद : 4280, 4609, 4905, 5083, 5151, 5983, 7098, 7291, 7886, 8998, 11125, 11410, 11620, 12968, 13384, 14723
इमाम बुखारी : 390, 391, 393, 394, 395, 396, 397, 399, 400, 711, 1137, 1138, 5646
इमाम मुस्लिम : 852, 855, 856
इमाम नसाई : 716
इमाम इब्नु माजा : 755, 1012
इमाम मलिक : 409
इमाम दरिमी : 1360, 1362