प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 970
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يُكَبِّرُ فِي الْفِطْرِ وَالْأَضْحَى فِي الْأُولَى سَبْعَ تَكْبِيرَاتٍ وَفِي الثَّانِيَةِ خَمْسًاحَدَّثَنَا ابْنُ السَّرْحِ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ أَخْبَرَنِي ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ خَالِدِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ بِإِسْنَادِهِ وَمَعْنَاهُ قَالَ سِوَى تَكْبِيرَتَيْ الرُّكُوعِ
''हमें [कुतैबा] ने बताया है [इब्न लहिआ] ने [उकैल] से [इब्न शिहाब] से [उरवाह] से [ऐस्या] से बताया है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ईद-उल-फितर और अधा की नमाज़ पढ़ी और पहली रकाअत में सात बार और दूसरी में पाँच बार तकबीर करते थे।'' हमें बताया है [इब्न अस सरह] ने हमें सूचित किया है [इब्न वहब] ने मुझे [इब्न लहिआ] ने [खालिद बिन यज़ीद] से [इब्न शिहाब] से उसी सनद और उद्देश्य के साथ सूचित किया है, उन्होंने कहा;