हदीस
Shalat sunnah dua rakaat setelah shalat jum'at
Imam Tirmidzi : 479حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَالِمٍ عَنْ أَبِيهِعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ كَانَ يُصَلِّي بَعْدَ الْجُمُعَةِ رَكْعَتَيْنِقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ جَابِرٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عُمَرَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ أَيْضًا وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ وَبِهِ يَقُولُ الشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ
हमनी के बतावल गईल बा [इब्न अबू उमर] हमनी के [सुफयान बिन उयैनह] से [अमरू बिन दिनार] से [अज ज़ुहरी] से [सलीम] से [उनकर पिता] से नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतवले बाड़े कि उ जुमा के नमाज के बाद दु रकाअत कईले। -कथाकार- कहले, एह अध्याय में -जाबीर से एगो -पेंट- कथ्य भी बा। अबू ईसा कहले कि, इब्न उमर के हदीस हसन सच्चे ह, इ [नाफी] से [इब्न उमर] से भी रिवायत भईल बा, इ हदीस कुछ विद्वान भी करेले, एकरा संगे शाफी अवुरी अहमद भी कहले बाड़े।