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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Shalat Wajib dan Sunnah Masjid dan Jama'ah Posisi imam dan makmum: Apabila makmum lelaki lebih dari satu

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Posisi imam dan makmum: Apabila makmum lelaki lebih dari satu
Imam Muslim : 830

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ الْهَمْدَانِيُّ أَبُو كُرَيْبٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ الْأَسْوَدِ وَعَلْقَمَةَ قَالَا أَتَيْنَا عَبْدَ اللَّهِ بْنَ مَسْعُودٍ فِي دَارِهِ فَقَالَ أَصَلَّى هَؤُلَاءِ خَلْفَكُمْ فَقُلْنَا لَا قَالَ فَقُومُوا فَصَلُّوا فَلَمْ يَأْمُرْنَا بِأَذَانٍ وَلَا إِقَامَةٍ قَالَ وَذَهَبْنَا لِنَقُومَ خَلْفَهُ فَأَخَذَ بِأَيْدِينَا فَجَعَلَ أَحَدَنَا عَنْ يَمِينِهِ وَالْآخَرَ عَنْ شِمَالِهِ قَالَ فَلَمَّا رَكَعَ وَضَعْنَا أَيْدِيَنَا عَلَى رُكَبِنَا قَالَ فَضَرَبَ أَيْدِيَنَا وَطَبَّقَ بَيْنَ كَفَّيْهِ ثُمَّ أَدْخَلَهُمَا بَيْنَ فَخِذَيْهِ قَالَ فَلَمَّا صَلَّى قَالَ إِنَّهُ سَتَكُونُ عَلَيْكُمْ أُمَرَاءُ يُؤَخِّرُونَ الصَّلَاةَ عَنْ مِيقَاتِهَا وَيَخْنُقُونَهَا إِلَى شَرَقِ الْمَوْتَى فَإِذَا رَأَيْتُمُوهُمْ قَدْ فَعَلُوا ذَلِكَ فَصَلُّوا الصَّلَاةَ لِمِيقَاتِهَا وَاجْعَلُوا صَلَاتَكُمْ مَعَهُمْ سُبْحَةً وَإِذَا كُنْتُمْ ثَلَاثَةً فَصَلُّوا جَمِيعًا وَإِذَا كُنْتُمْ أَكْثَرَ مِنْ ذَلِكَ فَلْيَؤُمَّكُمْ أَحَدُكُمْ وَإِذَا رَكَعَ أَحَدُكُمْ فَلْيُفْرِشْ ذِرَاعَيْهِ عَلَى فَخِذَيْهِ وَلْيَجْنَأْ وَلْيُطَبِّقْ بَيْنَ كَفَّيْهِ فَلَكَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَى اخْتِلَافِ أَصَابِعِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَرَاهُمْ و حَدَّثَنَا مِنْجَابُ بْنُ الْحَارِثِ التَّمِيمِيُّ أَخْبَرَنَا ابْنُ مُسْهِرٍ قَالَ ح و حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ قَالَ ح و حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ حَدَّثَنَا مُفَضَّلٌ كُلُّهُمْ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ وَالْأَسْوَدِ أَنَّهُمَا دَخَلَا عَلَى عَبْدِ اللَّهِ بِمَعْنَى حَدِيثِ أَبِي مُعَاوِيَةَ وَفِي حَدِيثِ ابْنِ مُسْهِرٍ وَجَرِيرٍ فَلَكَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَى اخْتِلَافِ أَصَابِعِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ رَاكِعٌ

हमरा सभ केँ [मुहम्मद बिन अल-अला’ अल-हमदानी अबू कुरैब] कहलक अछि, हमरा सभ केँ [अबू मुअवियाह] केँ [अल-अ’मासी] सँ [इब्राहिम] सँ [अल-असवाद] सँ कहलक अछि आ [अलकामाह] दुनू गोटे कहलनि, ‘हम सभ [अब्दुल्लाह बिन मसूद] लग हुनकर घर पर गेलहुँ, तखन ओ पुछलनि, ‘की ओ सभ अहाँक पाछू नमाज पढ़ि रहल छथि? ' हमर उत्तर, 'नहि'। ओ कहलनि, उठू, तखन नमाज पढ़ू, तखन ओ हमरा सभ केँ नमाजक आ ने इकमातक आदेश देलनि’। तखन हम सभ हुनका पाछू ठाढ़ भ’ गेलहुँ। तखन ओ हमरा सभक हाथ पकड़ि लेलनि, फेर हमरा सभ मे सँ एक-एकटा केँ अपन दहिना-बामा कात राखि देलनि। जखन ओ प्रणाम केलनि तखन हम सभ हुनकर ठेहुन पर हाथ राखि देलियैक'। ओ कहलनि, 'मुदा अब्दुल्ला हमरा सभक हाथ पर प्रहार केलक, आ ओ अपन हथेली एक ठाम राखि अपन जाँघक बीच राखि देलक'। जखन ओ नमाज समाप्त कएने छलाह तखन ओ कहलनि, 'सत्ते शासक आओत जे नमाज के उचित समय पर समाप्त करत आ ओकर क्रियान्वयन के ता धरि टालि देत जा धरि ई लगभग समाप्त नहि भ' जायत।' जँ अहाँ हुनका सभ केँ ई काज करैत देखैत छी तखन अहाँ समय पर प्रार्थना करैत छी, तखन हुनका सभक संग मिलिकय प्रार्थना करैत छी आ हुनका सभक संग अपन प्रार्थना केँ खतना बनाउ। जँ तीन गोटे छी तँ एक संग नमाज पढ़ू आ जँ बेसी छी तँ एक गोटेकेँ इमाम बनाउ। जँ अहाँ सभ मे सँ एक गोटे प्रणाम करैत छी तखन दोसरक ऊपर अपन बाँहि राखि प्रणाम करू। आ अपन हथेली एक ठाम राखि दियौक। हमरा एखनो लगैत अछि जेना नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम अपन बच्चा सभक संग आँगुर पार करैत देखैत छी । तखन 'अब्दुल्लाह हुनका सभ के एकर प्रदर्शन केलनि''। आरू हमरा सब क॑ बतैन॑ छै [मिंजाब बिन अल-हरित्स अत-तमीमी] न॑ हमरा सब क॑ [इब्नु मुशीर] क॑ बतैलकै कि हुनी कहलकै, -- रिवायत केरऽ एगो आरू मार्ग स॑-- आरू हमरा सब क॑ बतैलकै कि [उस्मान बिन अबी स्याइबाह] न॑ हमरा सब क॑ [जरीर] क॑ बतैलकै कि हुनी कहलकै, -- रवियत केरऽ दोसरऽ मार्ग स॑-- आरू हमरा कहल॑ छै [मुहम्मद बिन रफी’] न॑ हमरा सब क॑ [याह्या बिन आदम] न॑ हमरा सब क॑ बतैलकै [मुफदधल] सब [अल-अ’मासी] स [इब्राहिम] स [अलकामा] स आ [अल-असवाद] स रिवायत केलथि अछि जे ‘दुनू [अब्दुल्लाह] के दौरा केलथि’, अबू मुअविया के हदीस के अर्थ के अनुसार। एम्हर मुशीर आ जरीर के हदीस में जेना हम नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के प्रणाम करैत काल क्रॉस कएल आँगुर देखलहुं।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 4117, 4155
Imam Muslim : 830, 831
Imam Abu Dawud : 539