Hadith Representative
Doa masuk dan keluar masjid
Imam Nasa'i : 721أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ الْغَيْلَانِيُّ بَصْرِيٌّ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ عَنْ رَبِيعَةَ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ سَعِيدٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا حُمَيْدٍ وَأَبَا أُسَيْدٍ يَقُولَانِقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ أَحَدُكُمْ الْمَسْجِدَ فَلْيَقُلْ اللَّهُمَّ افْتَحْ لِي أَبْوَابَ رَحْمَتِكَ وَإِذَا خَرَجَ فَلْيَقُلْ اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ
सानु [सुलेमान बिन उबैदुल्लाह अल घैलानी बशरी] दी जानकारी देंदे होए उन्हां ने आख्या; सानु दस्सेया है [अबू अमीर] उसने आख्या; ने सानु [सुलेमान] [रबीअह] तों [अब्दुल मलिक बिन सईद] तों दस्सेया है उसने आख्या; मैं [अबू हुमैद] ते [अबू उसैद] दोनों कहंदे सुनेया; कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'जदूं तुहाडे विचों कोई मस्जिद विच दाखल होवे, तां ओह कहन दे, 'हे अल्लाह, मेरे वास्ते अपनी रहमत दे दरवाजे खोलो'। मस्जिद तों बाहर निकलदे वक्त कहना चाहिए कि "हे अल्लाह मैं तुहाडी कृपा मंगदा हां।"