हदीस
Larangan Menjadikan Kuburan Sebagai Tempat Ibadah (Masjid)
Imam Bukhari : 1244حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى عَنْ شَيْبَانَ عَنْ هِلَالٍ هُوَ الْوَزَّانُ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَاعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فِي مَرَضِهِ الَّذِي مَاتَ فِيهِ لَعَنَ اللَّهُ الْيَهُودَ وَالنَّصَارَى اتَّخَذُوا قُبُورَ أَنْبِيَائِهِمْ مَسْجِدًا قَالَتْ وَلَوْلَا ذَلِكَ لَأَبْرَزُوا قَبْرَهُ غَيْرَ أَنِّي أَخْشَى أَنْ يُتَّخَذَ مَسْجِدًا
हमनी के बतावल गइल बा कि [उबैदुल्लाह बिन मूसा] से [स्याइबान] से [हिलाल] से ऊ अल वज्जन हवें [उर्वाह] से [‘ऐसिया रदलियाहु अन्हा] से नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से जब ऊ बेमार रहले जवना चलते उनुकर मौत हो गइल: ‘अल्लाह यहूदी आ ईसाईयन के गारी दिहले काहे कि ऊ लोग अपना नबी के कब्र बना दिहले मस्जिद के बा। 'ऐस्यह रडियाल्लाहु 'अनहा कहले; 'अगर उनुकर बात ना रहित त उनुकर कब्र - उनुका घर के भीतर से - ले गईल रहते, लेकिन हमरा अभी तक चिंता बा कि एकरा के मस्जिद के रूप में इस्तेमाल कईल जाई'।
हदीस :
Imam Ahmad : 1786, 7054, 7492, 7497, 7501, 8433, 8781, 9473, 10297, 10298, 20620, 20638, 20776, 23372, 23748, 23976, 24727, 24953, 24982, 25146, 25149
Imam Bukhari : 417, 418, 1244, 1301, 3195, 4087, 4089, 5368
Imam Muslim : 823, 824, 825, 826, 827
Imam Abu Dawud : 2808
Imam Nasa'i : 696, 2019, 2020
Imam Malik : 1387
Imam Darimi : 1367